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प्रियंका गांधी ने असम CM के खड़गे विरोधी बयानों की निंदा की

Kavita2
8 April 2026 4:19 PM IST
प्रियंका गांधी ने असम CM के खड़गे विरोधी बयानों की निंदा की
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Assam असम: कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने 8 अप्रैल को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ की गई टिप्पणियों की कड़ी निंदा की। उन्होंने इन बयानों को “शर्मनाक और अस्वीकार्य” बताते हुए इसे राजनीतिक और सामाजिक रूप से हानिकारक करार दिया।

प्रियंका गांधी ने अपने X अकाउंट पर पोस्ट करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने खड़गे के खिलाफ “असभ्य और अपमानजनक भाषा” का इस्तेमाल किया, जिसे उन्होंने “घिनौना” करार दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे न केवल कांग्रेस पार्टी का प्रतिनिधित्व करते हैं, बल्कि हाशिए पर पड़े समुदायों की आवाज़ भी हैं। उनके अपमान का मतलब केवल एक नेता के अपमान से नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की भावनाओं का अपमान करना है।

प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी सवाल उठाया और उनसे स्पष्ट करने की मांग की कि क्या वह असम के मुख्यमंत्री के इस तरह के बयानों का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में इस तरह की अपमानजनक भाषा और नेताओं की भावनाओं के खिलाफ टिप्पणियाँ स्वीकार्य नहीं हैं।

यह विवाद असम विधानसभा चुनाव के पहले सामने आया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा से जुड़े पासपोर्ट विवाद और अपने परिवार से जुड़े आरोपों के संबंध में मल्लिकार्जुन खड़गे की आलोचना की थी। इसके बाद उन्होंने खड़गे के बयानों पर सवाल उठाए, जिससे राजनीतिक तनाव बढ़ गया।

प्रियंका गांधी ने यह भी कहा कि खड़गे की आवाज़ हाशिए पर पड़े समुदायों के लिए महत्वपूर्ण है, और उन्हें अपमानित करना इन समुदायों की चिंताओं और अधिकारों की अनदेखी करने के समान है। उन्होंने जोर दिया कि नेताओं के बीच सम्मान और संवैधानिक मर्यादा बनाए रखना आवश्यक है।

राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, यह विवाद असम विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सामने आया है, जो 9 अप्रैल को होने वाला है। इस चुनाव के परिणाम 4 मई को आएंगे। प्रियंका गांधी का बयान न केवल कांग्रेस की तरफ से खड़गे का समर्थन है, बल्कि चुनावी माहौल में भाजपा और असम सरकार के खिलाफ राजनीतिक दबाव बढ़ाने की कोशिश भी माना जा रहा है।

कांग्रेस नेताओं ने पहले भी असम में भाजपा और राज्य सरकार की आलोचना की है, और इस विवाद ने पार्टी के अभियान में खड़गे के नेतृत्व और उनकी छवि को मजबूत किया है। प्रियंका गांधी ने इस अवसर पर कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों और समाज की विविधता का सम्मान करना हर राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है।

इस मामले ने असम विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक तापमान को और बढ़ा दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि चुनाव से पहले ऐसे बयान मतदाताओं पर प्रभाव डाल सकते हैं और चुनावी रणनीतियों को प्रभावित कर सकते हैं।

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