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Dispur दिसपुर। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भारत रत्न और असम के महान गायक डॉ. भूपेन हजारिका की पुण्यतिथि और जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में राज्य सरकार द्वारा आयोजित कार्यक्रमों की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से विभिन्न जिलों के संरक्षक मंत्रियों, मुख्य सचिव, जिला आयुक्तों और राज्य के कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि असम सरकार ने डॉ. भूपेन हजारिका की जन्म शताब्दी को विशेष महत्व देते हुए एक वर्ष तक चलने वाले सांस्कृतिक, शैक्षिक और सामाजिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि यह वर्ष भर चलने वाले आयोजन न केवल डॉ. हजारिका के अद्वितीय संगीत और साहित्यिक योगदान को उजागर करेंगे, बल्कि नई पीढ़ी को उनकी जीवन शैली और सामाजिक संदेशों से भी जोड़ेंगे।
सरमा ने बैठक में निर्देश दिए कि राज्य के सभी जिलों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, संगीत कार्यक्रम, लेखन प्रतियोगिताएं, चित्रकला प्रतियोगिताएं और सामाजिक जागरूकता अभियान आयोजित किए जाएं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि आयोजन व्यापक रूप से जनता तक पहुंचे और हर वर्ग, विशेषकर युवा पीढ़ी, इन कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग ले। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि राज्य सरकार ने डॉ. भूपेन हजारिका की पुण्यतिथि 5 नवंबर को राज्यव्यापी रूप से मनाने का निर्णय लिया है। इस अवसर पर असम के सभी सरकारी संस्थान, शैक्षणिक संस्थान और सांस्कृतिक संगठन विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करेंगे। मुख्यमंत्री ने यह सुनिश्चित करने को कहा कि कार्यक्रमों में डॉ. हजारिका के गानों, फिल्मों और साहित्यिक योगदान का व्यापक समावेश हो।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने जिलों के अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि वे स्थानीय स्तर पर समुदायों, स्कूलों और कॉलेजों के साथ मिलकर विशेष आयोजन आयोजित करें। उन्होंने कहा कि डॉ. हजारिका की कला और विचार आज भी समाज को प्रेरित करती है, और इस शताब्दी समारोह के माध्यम से उनका संदेश युवाओं तक पहुंचे। सरमा ने विशेष रूप से कहा कि भूपेन हजारिका केवल एक गायक या संगीतकार नहीं थे, बल्कि सामाजिक संदेशवाहक और सांस्कृतिक प्रतीक थे। उनके गीतों और रचनाओं में मानवता, एकता और सामाजिक न्याय के संदेश विद्यमान हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि इस अवसर का उपयोग लोगों को सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति जागरूक करने के लिए किया जाए।
इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि शताब्दी समारोह में स्थानीय कलाकारों और संगीतज्ञों को मंच दिया जाएगा, जिससे असम की सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस वर्ष भर चलने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा और समय-सारिणी को जल्द तैयार किया जाए, ताकि सभी आयोजन समन्वित रूप से और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हों। बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. भूपेन हजारिका की शताब्दी और पुण्यतिथि को सफलतापूर्वक मनाना असम सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उनका संदेश और कला पीढ़ियों तक जीवित रहे, और राज्य के सांस्कृतिक एवं सामाजिक विकास में योगदान देती रहे, यह सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है।
असम सरकार के इस निर्णय से राज्य में डॉ. भूपेन हजारिका के योगदान को लेकर जागरूकता बढ़ेगी और उनके कला-संस्कृति के प्रति प्रेम को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त होगा।
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