
असम: भीषण बाढ़ के बाद अब सरकार ने राहत और बचाव अभियान से आगे बढ़ते हुए पुनर्वास और पुनर्निर्माण की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने शुक्रवार को ऊपरी असम के बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए एक चरणबद्ध रिकवरी रोडमैप जारी किया। इस योजना का उद्देश्य बाढ़ से प्रभावित लोगों को आर्थिक सहायता, क्षतिग्रस्त संपत्तियों की भरपाई, स्कूलों की बहाली और बुनियादी ढांचे को दोबारा मजबूत करना है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार की प्राथमिकता अब उन परिवारों तक मदद पहुंचाना है, जिन्होंने बाढ़ के कारण अपने घर, खेती, पशुधन और अन्य संपत्तियां गंवाई हैं। राहत कार्यों के बाद अब प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए व्यवस्थित तरीके से काम करेगा। इसके तहत बीमा दावों को जल्द निपटाने में सहायता, सरकारी आर्थिक मदद और पुनर्निर्माण कार्यों को गति देने की योजना बनाई गई है।
हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को सबसे बड़ी परेशानी आर्थिक नुकसान के बाद होती है। ऐसे में सरकार बीमा कंपनियों और संबंधित विभागों के साथ मिलकर प्रभावित परिवारों के दावों को आसान बनाने का प्रयास करेगी। प्रशासन लोगों को जरूरी दस्तावेजों और प्रक्रियाओं में सहायता उपलब्ध कराएगा, ताकि उन्हें मुआवजा और बीमा राशि प्राप्त करने में देरी का सामना न करना पड़े।
रिकवरी योजना के तहत क्षतिग्रस्त स्कूलों की मरम्मत पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। बाढ़ के कारण कई इलाकों में स्कूल भवनों, फर्नीचर और शैक्षणिक संसाधनों को नुकसान पहुंचा है। सरकार ने स्कूलों को जल्द से जल्द दोबारा शुरू करने और छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही है। शिक्षा व्यवस्था को सामान्य करना पुनर्वास अभियान का एक अहम हिस्सा होगा।
इसके अलावा सड़कों, पुलों, बिजली व्यवस्था और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं की मरम्मत के लिए भी विशेष अभियान चलाया जाएगा। बाढ़ के पानी से प्रभावित कई इलाकों में संपर्क मार्ग टूट गए हैं, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। सरकार का लक्ष्य है कि जल्द से जल्द इन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को बहाल किया जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पुनर्वास कार्यों में तेजी लाई जाए और प्रभावित लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिले। उन्होंने कहा कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए केवल तत्काल राहत पर्याप्त नहीं है, बल्कि लंबे समय की रणनीति बनाना भी जरूरी है।
ऊपरी असम के कई जिलों में इस साल बाढ़ ने बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया है। हजारों लोग प्रभावित हुए हैं और बड़ी संख्या में परिवारों को अस्थायी राहत शिविरों में रहना पड़ा। खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी इसका गहरा असर पड़ा है। ऐसे में सरकार की नई योजना का उद्देश्य लोगों को दोबारा अपने पैरों पर खड़ा करना है।
प्रशासन अब प्रभावित क्षेत्रों का विस्तृत सर्वे कर नुकसान का आकलन करेगा। इसके आधार पर सहायता राशि और पुनर्निर्माण कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है और पुनर्वास प्रक्रिया को पारदर्शी तथा तेज बनाया जाएगा।
असम सरकार का यह कदम बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लंबे समय तक राहत और स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब आने वाले दिनों में इस रोडमैप के तहत विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बनाकर पुनर्निर्माण कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।





