
Assam असम: ऊपरी असम के डूमडूमा क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-37 (NH-37) के कुछ हिस्सों की खराब स्थिति के कारण आम लोगों और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तेज गर्मी, धूल के घने गुबार और सड़क पर बने गहरे गड्ढों ने यहां का सफर मुश्किल बना दिया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, टिपुक से ITBP कैंप रोड तक और डूमडूमा नए पुल के निर्माण स्थल के आसपास हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। इन क्षेत्रों में सड़क की सतह क्षतिग्रस्त है और बड़े-बड़े गड्ढों के कारण वाहन चालकों को लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इससे यातायात धीमा हो गया है और कई बार जाम की स्थिति भी बन रही है।
गुरुवार को इलाके में तापमान लगभग 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि महसूस होने वाला तापमान करीब 40 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया। ऐसे में धूल भरी हवा ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया है। पैदल चलने वाले लोगों, बाइक सवारों और सड़क किनारे रहने वाले निवासियों के लिए यह हालात बेहद कठिन साबित हो रहे हैं।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि भारी वाहनों की आवाजाही के दौरान धूल के बड़े-बड़े गुबार उठते हैं, जिससे आसपास कुछ भी स्पष्ट दिखाई नहीं देता। इससे न केवल दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है, बल्कि लोगों को सांस लेने में भी कठिनाई हो रही है।
टिपुक के एक निवासी ने बताया कि हर गुजरने वाला ट्रक धूल का बादल छोड़ देता है, जिससे सड़क पर दृश्यता काफी कम हो जाती है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बीच इस धूल भरे माहौल में रहना और चलना बेहद मुश्किल हो गया है।
लोगों का कहना है कि लंबे समय से सड़क की मरम्मत और सुधार की मांग की जा रही है, लेकिन अभी तक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। निर्माण कार्य के कारण भी कई जगह सड़क और अधिक खराब हो गई है।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराने और धूल नियंत्रण के उपाय करने की मांग की है, ताकि लोगों को राहत मिल सके और यातायात सुरक्षित हो सके।
कुल मिलाकर, डूमडूमा में NH-37 की खराब स्थिति ने गर्मी के मौसम में लोगों की परेशानियों को कई गुना बढ़ा दिया है और तत्काल समाधान की आवश्यकता को उजागर किया है।





