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ASSAM असम: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने असम में एक जनसभा को संबोधित करते हुए अडानी समूह और भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अडानी समूह का नाम भले ही अडानी है, लेकिन असल में यह प्रधानमंत्री मोदी और अडानी दोनों की कंपनी है। राहुल गांधी ने इसे भाजपा के फाइनेंशियल स्ट्रक्चर का हिस्सा बताते हुए आलोचना की।
उन्होंने कहा, "अडानी भाजपा का फाइनेंशियल स्ट्रक्चर है। यह कंपनी सिर्फ एक व्यापारिक समूह नहीं, बल्कि राजनीतिक लाभ और सरकार के समर्थन पर आधारित है।" उनके इस बयान को विपक्षी दलों के लिए महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री और बड़े उद्योगपतियों के बीच संबंध को उजागर किया। जनसभा में राहुल गांधी ने स्थानीय जनता से अपील की कि वे आर्थिक और राजनीतिक पारदर्शिता के महत्व को समझें। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में नागरिकों को यह जानना जरूरी है कि बड़े उद्योग और सरकार के बीच कैसे संबंध हैं और इसका प्रभाव आम लोगों पर कैसे पड़ता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि राहुल गांधी के इस बयान का मकसद आगामी चुनावों में राजनीतिक माहौल को प्रभावित करना और भाजपा की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाना है। उनका यह आरोप वित्तीय और राजनीतिक गठजोड़ को लेकर व्यापक बहस पैदा कर सकता है। जनसभा में उपस्थित कार्यकर्ताओं और जनता ने उनके भाषण का समर्थन किया, वहीं भाजपा नेताओं ने इस बयान की निंदा की है। राजनीतिक विश्लेषक इसे असम में बढ़ते चुनावी तनाव के संकेत के रूप में देख रहे हैं।
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