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असम में बांस की साइकिलों की नई शुरुआत

Ratna Netam
2 Oct 2026 8:03 PM IST
असम में बांस की साइकिलों की नई शुरुआत
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गुवाहाटी। असम में टिकाऊ परिवहन की दिशा में एक नई पहल की शुरुआत हुई है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को गुवाहाटी के उजानबाजार स्थित सती राधिका शांति उद्यान में आयोजित कार्यक्रम में बांस से बनी साइकिलों को औपचारिक रूप से लॉन्च किया। इस पहल का उद्देश्य पर्यावरण के अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने के साथ असम को बांस आधारित साइकिल निर्माण के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करना है।
बांस से साइकिल बनाने की यह पहल पुणे स्थित ‘बैम्बू इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ की ओर से शुरू की गई है। परियोजना के तहत बांस का इस्तेमाल साइकिल निर्माण में किया जा रहा है। असम में बड़े स्तर पर उपलब्ध बांस संसाधनों को आधुनिक उत्पाद निर्माण से जोड़ने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
इस प्रोजेक्ट में करीब 15 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है। इसका लक्ष्य असम को बांस की साइकिल बनाने और टिकाऊ परिवहन के क्षेत्र में देश के महत्वपूर्ण केंद्रों में शामिल करना है। परियोजना के माध्यम से प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग को नई तकनीक और आधुनिक परिवहन व्यवस्था से जोड़ने का प्रयास किया गया है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कार्यक्रम के दौरान बांस से बनी साइकिलों को लॉन्च किया। इस मौके पर परियोजना और इसके माध्यम से असम में बांस आधारित उद्योग को मिलने वाले अवसरों को भी सामने रखा गया। राज्य में बांस की उपलब्धता को देखते हुए इस तरह की पहल स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग की संभावनाएं बढ़ाती है।
साइकिल के निर्माण में बांस का इस्तेमाल इस परियोजना की सबसे खास विशेषता है। आम तौर पर साइकिल निर्माण में धातु और अन्य औद्योगिक सामग्री का उपयोग किया जाता है, लेकिन इस पहल के जरिए बांस को साइकिल निर्माण से जोड़ा गया है। इससे पर्यावरण के अनुकूल उत्पाद तैयार करने के साथ बांस आधारित उद्योग के लिए नया बाजार विकसित करने की दिशा में भी संभावनाएं बन सकती हैं।
असम में बांस का इस्तेमाल लंबे समय से विभिन्न घरेलू, हस्तशिल्प और निर्माण कार्यों में किया जाता रहा है। अब बांस को आधुनिक परिवहन साधन के निर्माण से जोड़ने की पहल के जरिए इसके उपयोग का नया स्वरूप सामने आया है। बांस की साइकिलों का लॉन्च इसी दिशा में उठाया गया कदम है।
परियोजना के पीछे एक प्रमुख उद्देश्य टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा देना है। बढ़ते शहरीकरण के बीच पर्यावरण के अनुकूल परिवहन विकल्पों को लेकर लगातार चर्चा होती रही है। साइकिल को कम दूरी की यात्रा के लिए पर्यावरण के अनुकूल साधन माना जाता है। ऐसे में इसके निर्माण में भी प्राकृतिक सामग्री के इस्तेमाल की यह पहल टिकाऊ परिवहन की अवधारणा को एक अलग रूप देती है।
बैम्बू इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की ओर से शुरू किए गए इस प्रोजेक्ट में लगभग 15 करोड़ रुपये के निवेश के जरिए बांस से साइकिल निर्माण को बड़े स्तर पर आगे बढ़ाने की योजना है। इससे असम में बांस आधारित उत्पादों के निर्माण की संभावनाओं को भी नया विस्तार मिलने की उम्मीद है।
असम को इस परियोजना के लिए महत्वपूर्ण स्थान के रूप में चुना गया है। परियोजना का लक्ष्य राज्य को बांस की साइकिल निर्माण के साथ टिकाऊ परिवहन के केंद्र के रूप में स्थापित करना है। इसके जरिए असम के प्राकृतिक संसाधनों और औद्योगिक संभावनाओं को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
गुवाहाटी के उजानबाजार स्थित सती राधिका शांति उद्यान में आयोजित लॉन्च कार्यक्रम के माध्यम से बांस की साइकिलों को औपचारिक रूप से लोगों के सामने पेश किया गया। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में हुए इस कार्यक्रम ने परियोजना की शुरुआत को औपचारिक स्वरूप दिया।
बांस से तैयार साइकिलें पर्यावरण के अनुकूल उत्पादों के बढ़ते क्षेत्र में एक नया प्रयोग हैं। प्राकृतिक सामग्री के इस्तेमाल से बने उत्पादों की मांग और टिकाऊ जीवनशैली को लेकर बढ़ती जागरूकता के बीच ऐसी पहल नए अवसर पैदा कर सकती है। इस परियोजना में परिवहन के साथ स्थानीय संसाधनों के मूल्यवर्धन पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है।
करीब 15 करोड़ रुपये के निवेश वाली इस परियोजना से बांस आधारित उद्योग के विस्तार की संभावनाएं भी जुड़ी हैं। बांस को केवल पारंपरिक उत्पादों तक सीमित न रखते हुए आधुनिक उपयोग की वस्तुओं में शामिल करना इस पहल का महत्वपूर्ण पहलू है। साइकिल निर्माण इसका एक उदाहरण बनकर सामने आया है।
बांस आधारित उत्पादों के निर्माण को बढ़ावा मिलने से इस क्षेत्र में नए उद्यम और रोजगार के अवसर भी विकसित हो सकते हैं। हालांकि परियोजना के तहत उत्पादन क्षमता, रोजगार की संख्या और निर्माण से संबंधित विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। फिलहाल इसका मुख्य लक्ष्य असम को बांस साइकिल निर्माण के क्षेत्र में एक प्रमुख केंद्र के रूप में आगे बढ़ाना है।
पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से भी परियोजना को टिकाऊ परिवहन से जोड़ा गया है। साइकिल स्वयं ईंधन रहित परिवहन का साधन है और इसमें बांस जैसी प्राकृतिक सामग्री का इस्तेमाल इस अवधारणा को और आगे बढ़ाता है। इस पहल के जरिए पारंपरिक प्राकृतिक संसाधन को आधुनिक परिवहन उत्पाद के साथ जोड़ा गया है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा बांस की साइकिलों के औपचारिक लॉन्च के साथ असम में इस परियोजना की शुरुआत हो गई है। पुणे की बैम्बू इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा करीब 15 करोड़ रुपये के निवेश से शुरू की गई इस पहल का लक्ष्य राज्य को बांस की साइकिल बनाने और टिकाऊ परिवहन के क्षेत्र में देश का महत्वपूर्ण केंद्र बनाना है।
असम में बांस की उपलब्धता और इसके पारंपरिक उपयोग को आधुनिक तकनीक एवं उत्पाद निर्माण से जोड़ने की दिशा में यह परियोजना नया प्रयोग है। आने वाले समय में इस पहल के जरिए बांस आधारित साइकिल निर्माण को किस स्तर तक विस्तार मिलता है, इस पर नजर रहेगी। फिलहाल गुवाहाटी में हुए लॉन्च के साथ राज्य ने पर्यावरण अनुकूल परिवहन और बांस आधारित आधुनिक उत्पाद निर्माण की दिशा में एक नई शुरुआत की है।
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