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असम डाउन टाउन यूनिवर्सिटी और UPES ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तथा आपदा प्रबंधन पर संयुक्त शोध के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए।
गुवाहाटी : पूर्वोत्तर भारत में उच्च शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए असम डाउन टाउन यूनिवर्सिटी (AdtU) और UPES (University of Petroleum and Energy Studies) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आपदा जोखिम न्यूनीकरण (Disaster Resilience) से जुड़े अनुसंधान एवं शैक्षणिक सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस साझेदारी का उद्देश्य अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग कर प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की क्षमता विकसित करना, शोध को बढ़ावा देना और छात्रों व शोधकर्ताओं के लिए नए अवसर उपलब्ध कराना है।
AI आधारित आपदा प्रबंधन पर रहेगा फोकस
समझौते के तहत दोनों विश्वविद्यालय कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डेटा एनालिटिक्स, मशीन लर्निंग और अन्य उभरती तकनीकों का उपयोग कर आपदा पूर्वानुमान, जोखिम मूल्यांकन और आपदा प्रबंधन से जुड़े समाधान विकसित करने पर संयुक्त रूप से काम करेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि AI आधारित मॉडल बाढ़, भूस्खलन, भूकंप और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के जोखिम का बेहतर आकलन करने में मददगार साबित हो सकते हैं।
छात्रों और शोधकर्ताओं को मिलेगा लाभ
इस साझेदारी के तहत छात्रों और शिक्षकों को कई शैक्षणिक अवसर मिल सकते हैं, जिनमें—
संयुक्त शोध परियोजनाएं।
फैकल्टी और छात्र विनिमय कार्यक्रम।
कार्यशालाएं, सेमिनार और प्रशिक्षण कार्यक्रम।
AI और आपदा प्रबंधन पर विशेष अनुसंधान।
उद्योग और अकादमिक सहयोग को बढ़ावा।
इन पहलों से छात्रों को व्यावहारिक अनुभव और आधुनिक तकनीकों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
पूर्वोत्तर के लिए महत्वपूर्ण पहल
पूर्वोत्तर भारत भौगोलिक दृष्टि से बाढ़, भूस्खलन और भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के प्रति संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। ऐसे में AI आधारित अनुसंधान स्थानीय स्तर पर आपदा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने में योगदान दे सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि क्षेत्रीय चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए विकसित तकनीकी समाधान भविष्य में नीति निर्माण और आपदा प्रतिक्रिया प्रणाली को भी मजबूत कर सकते हैं।
नवाचार और अनुसंधान को मिलेगा बढ़ावा
दोनों संस्थानों का उद्देश्य अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी विकास को प्रोत्साहित करना है। इस सहयोग से स्टार्टअप, इनोवेशन और बहु-विषयक शोध को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
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