असम

हिमंत बिस्वा शर्मा के बयान पर मौलाना शाहबुद्दीन रज़वी का पलटवार

SHIDDHANT
4 Nov 2025 10:26 PM IST
हिमंत बिस्वा शर्मा के बयान पर मौलाना शाहबुद्दीन रज़वी का पलटवार
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Assam असम: मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा के हालिया बयान पर ऑल इंडिया तंजीम उलेमा-ए-इस्लाम के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शाहबुद्दीन रज़वी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि शर्मा लगातार मुसलमानों के खिलाफ नफरत भरे बयान देते हैं और ऐसा करके समाज में विभाजन फैलाने का काम कर रहे हैं। मौलाना रज़वी ने कहा, “असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा हमेशा मुसलमानों के खिलाफ नफरत भरे बयान देते हैं। उनके हालिया बयान को भी उसी मानसिकता के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्हें याद रखना चाहिए कि 1857 की पहली आज़ादी की लड़ाई से लेकर 1947 तक और फिर ऑपरेशन सिंदूर तक मुसलमानों ने इस देश की एकता, सुरक्षा और अखंडता के लिए अनगिनत कुर्बानियां दी हैं।”
उन्होंने कहा कि ऐसे बयान देश की गंगा-जमुनी तहज़ीब के खिलाफ हैं और इससे समाज में आपसी नफरत बढ़ती है। “भारत की ताकत इसकी एकता और विविधता में है। अगर कुछ लोग धार्मिक आधार पर समाज को बांटने की कोशिश करेंगे तो यह देशहित में नहीं है,” मौलाना रज़वी ने कहा। उन्होंने आगे कहा कि असम के मुख्यमंत्री को अपने पद की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए और किसी भी धर्म विशेष के खिलाफ टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। “एक मुख्यमंत्री का बयान पूरे समाज को प्रभावित करता है। इसलिए उन्हें संयम और जिम्मेदारी के साथ बोलना चाहिए,” रज़वी ने जोड़ा।
मौलाना रज़वी ने यह भी कहा कि मुसलमानों ने हमेशा देश की रक्षा और विकास में अहम भूमिका निभाई है — चाहे वह स्वतंत्रता संग्राम हो या सेना में सेवा। उन्होंने कहा, “मुसलमानों ने हमेशा भारत की अखंडता के लिए अपनी जान तक दी है। ऐसे में उन्हें राष्ट्रभक्ति पर सवाल उठाने का कोई हक नहीं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से अपील की कि वे ऐसे बयानों पर ध्यान दें जो साम्प्रदायिक तनाव बढ़ा सकते हैं और इस तरह के राजनीतिक बयानों पर सख्त कार्रवाई की जाए। मौलाना रज़वी के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। कई मुस्लिम संगठनों ने उनका समर्थन करते हुए कहा है कि देश में धर्म आधारित राजनीति को खत्म करना जरूरी है ताकि सद्भाव और एकता बनी रहे।
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