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Guwahati गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार को कांग्रेस की आंतरिक स्थिति को लेकर तीखी टिप्पणी करते हुए दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी के बड़े वर्ग के नेता भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संपर्क में हैं। पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन बोरा के इस्तीफे के बाद पार्टी में चल रहे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि वे विभिन्न दलों के नेताओं से संपर्क में रहते हैं।
उन्होंने कहा, “मैं कांग्रेस के हर नेता के संपर्क में हूं। अगर यह स्पष्ट कर दिया जाए कि भाजपा में जगह है, तो सभी हिंदू कांग्रेसी नेता पार्टी छोड़कर हमारे साथ आ जाएंगे। मुख्यमंत्री सरमा ने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आते ही कांग्रेस गहरी असुरक्षा और भ्रम की स्थिति से गुजर रही है। उनके अनुसार, असम में कांग्रेस स्पष्ट वैचारिक दिशा और नेतृत्व संरचना पेश करने में विफल रही है, जिसके चलते पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि भाजपा की संगठनात्मक मजबूती और शासन का रिकॉर्ड अन्य दलों के नेताओं को आकर्षित कर रहा है। उन्होंने कहा, “लोग भाजपा से इसलिए जुड़ रहे हैं क्योंकि उन्हें स्थिरता, विकास और भविष्य का स्पष्ट रोडमैप दिख रहा है।” उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ भाजपा विभिन्न समुदायों के बीच अपना आधार लगातार मजबूत कर रही है। विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस को अपने नेतृत्व और चुनावी संभावनाओं पर भरोसा नहीं है। बार-बार हो रहे इस्तीफे, सार्वजनिक मतभेद और अनिश्चितता पार्टी की कमजोर होती पकड़ को दर्शाते हैं।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार विपक्षी राजनीति के बजाय विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं पर ध्यान केंद्रित किए हुए है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता रोजगार सृजन, बुनियादी ढांचे के विकास और सामाजिक कल्याण योजनाओं को आगे बढ़ाना है। गौरतलब है कि असम में कांग्रेस इस समय आंतरिक चुनौतियों से जूझ रही है, जिनमें वरिष्ठ नेताओं के इस्तीफे और विधानसभा चुनावों से पहले संभावित दलबदल की अटकलें शामिल हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री सरमा का बयान भाजपा की स्थिति मजबूत करने और विपक्ष पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा है, क्योंकि राज्य एक अहम चुनावी मुकाबले की ओर बढ़ रहा है।
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