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जोरहाट। असम में कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने, किसानों की क्षमता बढ़ाने और कृषि उत्पादकता में सुधार लाने के उद्देश्य से बुधवार को कृषि एवं सिंचाई मंत्री पीयूष हजारिका ने असम कृषि विश्वविद्यालय (AAU) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। जोरहाट स्थित विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस में आयोजित इस बैठक में सांसद कामाख्या प्रसाद तासा भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान कृषि क्षेत्र में वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी सहयोग और किसानों तक आधुनिक कृषि संबंधी जानकारी पहुंचाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, बैठक में असम कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति दीपज्योति राजखोवा और विभिन्न संकायों के डीन ने हिस्सा लिया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने मंत्री को शैक्षणिक कार्यक्रमों, चल रही अनुसंधान गतिविधियों और कृषि विकास के लिए शुरू की गई विभिन्न पहलों की जानकारी दी।
कृषि विकास को लेकर अधिकारियों से चर्चा
बैठक के दौरान मंत्री पीयूष हजारिका ने राज्य में कृषि क्षेत्र के विकास को लेकर सरकार की योजनाओं और प्राथमिकताओं को साझा किया। उन्होंने कहा कि किसानों की क्षमता बढ़ाना, कृषि उत्पादकता में सुधार करना और राज्य के समग्र कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाना कृषि विभाग के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है।मंत्री ने विश्वविद्यालय के अधिकारियों के साथ इस बात पर चर्चा की कि वैज्ञानिक अनुसंधान और आधुनिक तकनीक का उपयोग कृषि विकास में किस प्रकार किया जा सकता है। उन्होंने कृषि विश्वविद्यालय और संबंधित सरकारी विभागों के बीच बेहतर सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।
वैज्ञानिक अनुसंधान से मजबूत होगी खेती
पीयूष हजारिका ने असम के कृषि परिदृश्य में बदलाव लाने के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान की महत्वपूर्ण भूमिका बताई। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र की चुनौतियों का समाधान खोजने में विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों का योगदान महत्वपूर्ण है।मंत्री ने असम कृषि विश्वविद्यालय से आग्रह किया कि वह कृषि विभाग को अपनी अनुसंधान विशेषज्ञता, वैज्ञानिक मार्गदर्शन और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराए। उनका जोर इस बात पर रहा कि विश्वविद्यालय में होने वाले अनुसंधान का उपयोग राज्य के कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए किया जाना चाहिए।उन्होंने कृषि विभाग की योजनाओं और विश्वविद्यालय की वैज्ञानिक विशेषज्ञता के बीच समन्वय बढ़ाने की आवश्यकता बताई, ताकि किसानों की जरूरतों के अनुसार कृषि विकास की दिशा में काम किया जा सके।
कृषि विश्वविद्यालय की योजनाओं की ली जानकारी
बैठक में विश्वविद्यालय के कुलपति दीपज्योति राजखोवा और डीन ने मंत्री को संस्थान में संचालित शैक्षणिक कार्यक्रमों तथा अनुसंधान संबंधी गतिविधियों की जानकारी दी। विश्वविद्यालय की ओर से कृषि शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी जानकारी के प्रसार के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों पर चर्चा हुई।असम कृषि विश्वविद्यालय कृषि अनुसंधान और किसानों तक वैज्ञानिक तकनीक पहुंचाने के क्षेत्र में कार्य करता है। विश्वविद्यालय की प्राथमिकताओं में आधुनिक खेती, जलवायु अनुकूल कृषि, जैव प्रौद्योगिकी और खाद्य प्रसंस्करण जैसे विषय भी शामिल हैं।
किसानों की उत्पादकता बढ़ाने पर विशेष जोर
बैठक में किसानों की क्षमता बढ़ाने और कृषि उत्पादकता में सुधार लाने को लेकर विचार-विमर्श किया गया। मंत्री ने कहा कि कृषि विभाग की योजनाओं को आगे बढ़ाने में विश्वविद्यालय की विशेषज्ञता उपयोगी साबित हो सकती है।इस दौरान वैज्ञानिक मार्गदर्शन और तकनीकी सहायता को कृषि विकास की प्राथमिकताओं से जोड़ने पर जोर दिया गया। बैठक का उद्देश्य राज्य के किसानों की जरूरतों और कृषि क्षेत्र के विकास के लिए विभाग तथा विश्वविद्यालय के बीच सहयोग को मजबूत करना था।
कृषि विभाग और विश्वविद्यालय के बीच सहयोग पर जोर
मंत्री पीयूष हजारिका ने विश्वविद्यालय प्रशासन से राज्य के कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए अनुसंधान आधारित तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने का आग्रह किया। उन्होंने कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों की कार्यक्षमता में सुधार को भी महत्वपूर्ण बताया।बैठक में सांसद कामाख्या प्रसाद तासा की उपस्थिति में कृषि शिक्षा, अनुसंधान और सरकारी योजनाओं से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। आधिकारिक बयान के अनुसार, मंत्री ने राज्य के कृषि परिदृश्य में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान और संस्थागत सहयोग की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया।
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