
गुवाहाटी। असम में लगातार बारिश और बाढ़ से उत्पन्न गंभीर हालात के बीच बॉलीवुड अभिनेता कार्तिक आर्यन ने राहत कार्यों के लिए बड़ा योगदान दिया है। राज्य के कई जिलों में आई विनाशकारी बाढ़ से दो लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। ऐसे मुश्किल समय में अभिनेता ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए मुख्यमंत्री राहत कोष (CMRF) में 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है।
कार्तिक आर्यन द्वारा दी गई यह राशि राज्य में चल रहे बचाव, राहत और पुनर्वास कार्यों में इस्तेमाल की जाएगी। सरकार का कहना है कि इस सहयोग से बाढ़ प्रभावित परिवारों तक जरूरी राहत सामग्री पहुंचाने, अस्थायी आश्रय, भोजन, दवाइयों और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था करने में मदद मिलेगी।
Gratitude to actor @TheAaryanKartik for his generous contribution of ₹1 Crore to the Chief Minister's Relief Fund.
— Chief Minister Assam (@CMOfficeAssam) July 30, 2026
HCM Dr. @himantabiswa appreciated his commendable gesture and timely support toward state relief measures.
असम इन दिनों मानसूनी बारिश के कारण गंभीर बाढ़ की चपेट में है। कई जिलों में नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे बड़ी संख्या में गांव जलमग्न हो गए हैं। हजारों परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि राहत शिविरों में बड़ी संख्या में लोग शरण लिए हुए हैं।
प्रशासन के अनुसार, बाढ़ का सबसे अधिक असर निचले इलाकों पर पड़ा है। लगातार बारिश के कारण सड़क संपर्क बाधित हुआ है और कई स्थानों पर सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। राज्य सरकार, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और स्थानीय प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं।
ऐसे समय में कार्तिक आर्यन की ओर से की गई आर्थिक सहायता को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके इस कदम की सोशल मीडिया पर भी व्यापक सराहना हो रही है। प्रशंसकों का कहना है कि संकट की घड़ी में समाज के प्रभावशाली लोगों का आगे आना दूसरों को भी मदद के लिए प्रेरित करता है।
फिल्म जगत से जुड़े कई कलाकार समय-समय पर प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत कार्यों में सहयोग करते रहे हैं। कार्तिक आर्यन का यह योगदान भी उसी मानवीय परंपरा का हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि अभिनेता की ओर से इस सहायता को लेकर कोई विस्तृत सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन मुख्यमंत्री राहत कोष में दी गई राशि राज्य के लिए बड़ी मदद मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री राहत कोष का उपयोग प्राकृतिक आपदाओं, दुर्घटनाओं और अन्य आपात परिस्थितियों में प्रभावित लोगों की सहायता के लिए किया जाता है। इस कोष में मिलने वाले दान का इस्तेमाल राहत सामग्री, पुनर्वास योजनाओं और आवश्यक सेवाओं को सुचारु रूप से संचालित करने में किया जाता है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। कई इलाकों में नावों के जरिए लोगों तक भोजन, पेयजल और दवाइयां पहुंचाई जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी राहत शिविरों में चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं ताकि जलजनित बीमारियों को फैलने से रोका जा सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि असम हर वर्ष बाढ़ की चुनौती का सामना करता है, लेकिन इस बार कई जिलों में भारी बारिश और नदियों के बढ़े जलस्तर ने स्थिति को अधिक गंभीर बना दिया है। कृषि भूमि, पशुधन और बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
राज्य सरकार ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने की अपील की है। साथ ही राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग करने की भी अपील की गई है।
कार्तिक आर्यन की यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब हजारों परिवार अपने घरों से विस्थापित होकर राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। उनकी ओर से दिया गया आर्थिक सहयोग राहत कार्यों को गति देने में मददगार साबित हो सकता है और संकट की इस घड़ी में प्रभावित लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा बनेगा।
मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा यह कदम यह संदेश भी देता है कि प्राकृतिक आपदाओं के समय समाज के सभी वर्गों का सहयोग पीड़ितों के पुनर्वास और सामान्य जीवन की बहाली में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।





