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गुवाहाटी फैशन वीक में झारखंड का जलवा, राज्य में होगा पहला नेशनल ट्राइबल फैशन शो

nidhi
22 July 2026 10:09 AM IST
गुवाहाटी फैशन वीक में झारखंड का जलवा, राज्य में होगा पहला नेशनल ट्राइबल फैशन शो
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इंटरनेशनल फैशन वीक में छाया झारखंड, ट्राइबल फैशन को मिलेगी राष्ट्रीय पहचान

Guwahati: झारखंड की समृद्ध आदिवासी संस्कृति और पारंपरिक कला ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। गुवाहाटी में आयोजित इंटरनेशनल फैशन वीक में झारखंड की पारंपरिक पोशाकों, हस्तशिल्प और जनजातीय डिजाइन ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। इस सफलता के बाद अब झारखंड में पहला नेशनल ट्राइबल फैशन शो आयोजित करने की तैयारी की जा रही है।

इस आयोजन का उद्देश्य राज्य की जनजातीय संस्कृति, पारंपरिक वस्त्रों, आभूषणों और स्थानीय कला को देशभर के फैशन मंच पर पहचान दिलाना है। झारखंड के आदिवासी समुदायों की वर्षों पुरानी परंपराओं और कारीगरी को आधुनिक फैशन से जोड़ने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
गुवाहाटी फैशन वीक में झारखंड की खास पहचान
गुवाहाटी इंटरनेशनल फैशन वीक में झारखंड के डिजाइन और पारंपरिक परिधानों को काफी सराहना मिली। यहां प्रस्तुत किए गए कपड़ों में स्थानीय बुनाई, प्राकृतिक रंगों और जनजातीय प्रतीकों का इस्तेमाल देखने को मिला।
झारखंड की विभिन्न जनजातियों की सांस्कृतिक विरासत जैसे पारंपरिक गहने, कपड़ों की शैली और कलात्मक डिजाइन ने फैशन विशेषज्ञों का ध्यान आकर्षित किया। इससे राज्य के कलाकारों और डिजाइनरों को एक बड़ा मंच मिला।
राज्य में होगा पहला नेशनल ट्राइबल फैशन शो
गुवाहाटी में मिली सफलता के बाद झारखंड में राष्ट्रीय स्तर का ट्राइबल फैशन शो आयोजित करने की योजना बनाई गई है। इस शो में देश के अलग-अलग हिस्सों की जनजातीय संस्कृति और फैशन को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम के जरिए स्थानीय बुनकरों, कारीगरों और डिजाइनरों को बाजार उपलब्ध कराने की कोशिश होगी। इससे पारंपरिक कला को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।
आदिवासी कला को मिलेगा नया बाजार
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्राइबल फैशन केवल संस्कृति का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का माध्यम भी बन सकता है। झारखंड के हस्तशिल्प, कपड़ा उद्योग और पारंपरिक आभूषणों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में ऐसे आयोजन मददगार साबित हो सकते हैं।
आज के दौर में फैशन इंडस्ट्री में प्राकृतिक सामग्री, पारंपरिक डिजाइन और टिकाऊ फैशन की मांग बढ़ रही है। ऐसे में झारखंड की जनजातीय कला को नई संभावनाएं मिल सकती हैं।
युवाओं को मिलेगा मंच
नेशनल ट्राइबल फैशन शो के माध्यम से राज्य के युवा डिजाइनरों, मॉडल्स और कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। इससे फैशन क्षेत्र में नए करियर विकल्प भी विकसित हो सकते हैं।
झारखंड सरकार और संबंधित संस्थाएं इस पहल के जरिए राज्य की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने और आदिवासी विरासत को संरक्षित करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

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