असम
IIT बॉम्बे स्कॉलर मामला: 8 दिन हिरासत में रहने के बाद मिली ज़मानत
Tara Tandi
7 Oct 2026 4:54 PM IST

x
गुवाहाटी: असम के सिलचर में एक स्थानीय अदालत ने मंगलवार को IIT बॉम्बे के रिसर्च स्कॉलर और नागरिक स्वतंत्रता कार्यकर्ता कल्पर्णब गुप्ता को ज़मानत दे दी। उन्हें कछार पुलिस ने आठ दिन पहले गिरफ़्तार किया था।
कछार की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) अदालत ने गुप्ता को 10,000 रुपये की ज़मानत राशि पर रिहा करने का आदेश दिया।
'बराक यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज़' के मुख्य संयोजक गुप्ता को 28 सितंबर को बजरंग दल के कार्यकर्ता पंकज दास की शिकायत पर गिरफ़्तार किया गया था।
इसके बाद गुप्ता को सिलचर में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। अदालत ने पहले उनकी ज़मानत याचिका खारिज कर दी थी। अदालत का मानना था कि पेश किए गए सबूतों से गिरफ़्तारी के लिए शुरुआती आधार (prima facie grounds) मिलते हैं और उस चरण में उनकी रिहाई से जांच प्रभावित हो सकती है। इसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
शिकायत के अनुसार, गुप्ता ने कथित तौर पर सोशल मीडिया पर ऐसा कंटेंट शेयर किया था जिसे शिकायतकर्ता ने बजरंग दल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और हिंदू धार्मिक मान्यताओं के प्रति "अपमानजनक, नफ़रत फैलाने वाला और सांप्रदायिक रूप से भड़काने वाला" बताया था।
वकील नलिनक्ष नाग ने गुप्ता का पक्ष रखा और CJM अदालत में उनकी ज़मानत के लिए दलीलें दीं।
सिलचर पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 353(2), 196(2), 299 और 356(1) के तहत केस नंबर 870/2026 दर्ज किया गया था।
गुप्ता की गिरफ़्तारी पर सिलचर के नागरिक समाज समूहों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी; कई संगठनों ने पुलिस की कार्रवाई की आलोचना की और गिरफ़्तारी को मनमाना बताया।
इन समूहों का कहना था कि सोशल मीडिया पर दिए गए बयानों पर आपत्तियों का समाधान सार्वजनिक बहस या उपलब्ध कानूनी तरीकों से किया जा सकता था।
Next Story





