असम

हिमंत का तीखा प्रहार: विदेशी साज़िश और कांग्रेस पर उठाए सवाल

Tara Tandi
13 Oct 2026 7:42 PM IST
हिमंत का तीखा प्रहार: विदेशी साज़िश और कांग्रेस पर उठाए सवाल
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असम: मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 12 अक्टूबर को वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) की ज़रूरत का बचाव किया। उन्होंने बांग्लादेश से कथित घुसपैठ और वोटर लिस्ट में विदेशी नागरिकों के शामिल होने को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी पर विदेशी ताकतों के इशारे पर काम करने का आरोप भी लगाया और चुनावी व संस्थागत मुद्दों पर विपक्ष की आलोचना की।
गुवाहाटी में बोलते हुए, सरमा ने संसद में पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री इंद्रजीत गुप्ता के उस कथित बयान का ज़िक्र किया जिसमें असम की वोटर लिस्ट में लगभग 30 लाख विदेशी नागरिकों के शामिल होने की बात कही गई थी। उन्होंने तर्क दिया कि असम, पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में आबादी में बदलाव से वोटर लिस्ट की जांच करने और अवैध आप्रवासन (illegal immigration) से जुड़ी चिंताओं को दूर करने की ज़रूरत सामने आई है।
सरमा ने वोटर लिस्ट में विदेशी नागरिकों की कथित मौजूदगी का ज़िक्र करते हुए पूछा, "आज देश को SIR की ज़रूरत क्यों है?" उन्होंने दावा किया कि बांग्लादेश से घुसपैठ जारी है और इसे कई राज्यों में आबादी में बदलाव से जोड़ा।
मुख्यमंत्री ने SIR प्रक्रिया का विरोध करने के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में सड़क पर विरोध-प्रदर्शन करने की हिम्मत न होने के बावजूद वह दिल्ली गईं।
असम के नगांव में बीजेपी के चुनावी प्रदर्शन का बचाव करते हुए सरमा ने तर्क दिया कि पार्टी की जीत के बाद लोगों का जश्न मनाना चुनावी धांधली के आरोपों के उलट है। उन्होंने कहा कि अगर वोट चोरी हुए होते, तो नतीजों के ख़िलाफ़ विरोध-प्रदर्शन और जन-आंदोलन होते।
सरमा ने आगे दावा किया कि धार्मिक अल्पसंख्यकों की बहुलता वाले निर्वाचन क्षेत्रों में भी लोग बीजेपी की जीत का जश्न मना रहे थे। उन्होंने इसे चुनावी नतीजों में हेरफेर के आरोपों के ख़िलाफ़ एक तर्क के तौर पर पेश किया।
कांग्रेस पर एक अलग हमले में, असम के मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी और पार्टी पर विदेशी ताकतों के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया।
सरमा ने कहा, "राहुल गांधी और पूरी कांग्रेस पार्टी अभी विदेशी ताकतों के इशारे पर काम कर रही है।" उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी सुप्रीम कोर्ट, चुनाव आयोग और संसद के साथ-साथ देश के युवाओं के भी ख़िलाफ़ है।
ये टिप्पणियां वोटर लिस्ट में संशोधन और अवैध आप्रवासन के आरोपों को लेकर चल रहे राजनीतिक मतभेदों के बीच आई हैं। ये मुद्दे असम और देश के अन्य हिस्सों में विवाद का विषय रहे हैं। शर्मा की टिप्पणियों ने SIR पर चल रही बहस को BJP और कांग्रेस के बीच व्यापक राजनीतिक टकराव के दायरे में ला खड़ा किया।
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