असम

स्वतंत्रता दिवस पर हिमंत सरमा ने युवाओं को दिया संदेश

Ratna Netam
15 Aug 2026 4:55 PM IST
स्वतंत्रता दिवस पर हिमंत सरमा ने युवाओं को दिया संदेश
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गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्य को संबोधित करते हुए मजबूत, सुरक्षित और विकसित असम के निर्माण का खाका पेश किया। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हाल की बाढ़ और दूसरी आपदाओं में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता और पुनर्वास का भरोसा दिलाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के चार जिलों में हाल में आई प्राकृतिक आपदाओं और बाढ़ के कारण 100 से अधिक लोगों की जान चली गई। उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और राहत एवं पुनर्वास कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को केंद्र की ओर से दिए गए सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।

सरमा ने राहत और बचाव अभियान में जुटे राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, राज्य आपदा मोचन बल, असम पुलिस, स्वास्थ्य कर्मचारियों, प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय स्वयंसेवकों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में इन सभी ने लोगों की जान बचाने और प्रभावित क्षेत्रों तक सहायता पहुंचाने के लिए लगातार काम किया।

मुख्यमंत्री ने 126 सदस्यीय असम विधानसभा में उनकी सरकार को 102 सीटों का जनादेश देने के लिए राज्य की जनता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इतना बड़ा जनसमर्थन केवल राजनीतिक सफलता नहीं, बल्कि जनता की सेवा करने की बड़ी जिम्मेदारी भी है। सरकार इस जनादेश का इस्तेमाल राज्य में विकास, सामाजिक सुरक्षा और समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए करेगी।

बाल विवाह के खिलाफ राज्य सरकार की कार्रवाई का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने असम पुलिस को एक नवंबर से 30 दिनों तक विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इस अवधि में बाल विवाह के मामलों में किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। पुलिस और जिला प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने, शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने और कानून के अनुसार जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कदम उठाने को कहा गया है।

असम सरकार इससे पहले भी बाल विवाह के खिलाफ कई चरणों में अभियान चला चुकी है। मुख्यमंत्री का दावा है कि कानूनी कार्रवाई और जनजागरूकता के कारण राज्य के कई जिलों में बाल विवाह के मामलों में गिरावट आई है। सरकार ने 2026 तक इस सामाजिक कुप्रथा को समाप्त करने का लक्ष्य रखा था।

मुख्यमंत्री ने सरकारी कर्मचारियों के वैवाहिक मामलों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने कहा कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी अपनी पहली पत्नी को कानूनी रूप से तलाक दिए बिना दूसरी महिला से विवाह करता है अथवा उसके साथ वैवाहिक संबंध स्थापित करता है तो पहली पत्नी की शिकायत पर उसके वेतन का 20 प्रतिशत हिस्सा काटकर सीधे पहली पत्नी के खाते में जमा किया जाएगा। इसका उद्देश्य पहली पत्नी को आर्थिक सुरक्षा और सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार देना बताया गया है।

सरमा ने कहा कि इस तरह की सुरक्षा को निजी क्षेत्र के कर्मचारियों तक विस्तारित करने की संभावनाओं पर भी विचार किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक कानून अथवा नीतिगत व्यवस्था तैयार करने का प्रस्ताव है। हालांकि इस संबंध में विस्तृत नियम, कानूनी प्रक्रिया और पात्रता की शर्तें औपचारिक अधिसूचना के बाद ही स्पष्ट होंगी।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में समान नागरिक संहिता, दो लाख नौकरियां देने और एक नई सैटेलाइट सिटी विकसित करने को सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल बताया। उन्होंने कहा कि रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ राज्य में बुनियादी ढांचे, निवेश, शिक्षा और शहरी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।

उन्होंने असमिया भाषा को शास्त्रीय भाषा का दर्जा मिलने और चराइदेव मोइदाम को यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल में शामिल किए जाने को राज्य की बड़ी सांस्कृतिक उपलब्धि बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार माजुली की वैष्णव संस्कृति और असम के प्रमुख लोकपर्व बिहू को भी अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए प्रयास कर रही है।

बच्चों और युवाओं को जेन जी तथा जेन अल्फा जैसे वर्गों में बांटने की प्रवृत्ति पर सरमा ने असहमति जताई। उन्होंने कहा कि वह इन पश्चिमी अवधारणाओं में विश्वास नहीं करते। राज्य के बच्चे उनके लिए बेटे और बेटियों की तरह हैं और सरकार सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने का प्रयास करेगी।

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने लोगों से सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ सरकार का सहयोग करने और राज्य के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनता के सहयोग, प्रशासनिक दृढ़ता और सांस्कृतिक गौरव के आधार पर एक सशक्त असम का निर्माण किया जाएगा। असम सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर भी 80वें स्वतंत्रता दिवस से जुड़े सरकारी कार्यक्रमों का उल्लेख दर्ज है।

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