
नज़ीरा (असम): असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने नज़ीरा में बाढ़ के दौरान अपने पालतू कुत्ते को बचाने की कोशिश में जान गंवाने वाले 13 वर्षीय रिदिप पनिका के परिवार से मुलाकात की और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस भावुक मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें मुख्यमंत्री परिवार को ढांढस बंधाते नजर आ रहे हैं।
वीडियो में देखा जा सकता है कि रिदिप की मां मुख्यमंत्री से मिलते ही भावुक हो जाती हैं और उन्हें गले लगाकर रोने लगती हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा उन्हें सांत्वना देते हैं और परिवार को हिम्मत रखने की अपील करते हैं। उन्होंने बच्चे के पिता से भी मुलाकात कर दुख की इस घड़ी में परिवार के प्रति संवेदना जताई।
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— Northeast Live (@NELiveTV) August 5, 2026
मुख्यमंत्री ने परिवार को आर्थिक सहायता के रूप में 5 लाख रुपये का चेक भी सौंपा। उन्होंने कहा कि सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। रिदिप की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है और बड़ी संख्या में लोगों ने बच्चे की संवेदनशीलता और साहस को याद किया है।
जानकारी के अनुसार, रिदिप पनिका की मौत बाढ़ के दौरान अपने पालतू कुत्ते को बचाने की कोशिश में हुई थी। बताया जा रहा है कि बाढ़ के पानी में फंसे अपने पालतू जानवर को बचाने के लिए रिदिप ने जोखिम उठाया, लेकिन वह खुद हादसे का शिकार हो गया।
रिदिप की इस कोशिश ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। परिवार और स्थानीय लोगों के अनुसार, बच्चे को अपने पालतू कुत्ते से बहुत लगाव था और वह उसकी देखभाल करता था। अपने जानवर को बचाने की कोशिश में उसने अपनी जान गंवा दी।
मुख्यमंत्री के परिवार से मिलने के दौरान वहां मौजूद लोगों ने भी रिदिप को याद किया। स्थानीय लोगों ने बताया कि बच्चे के व्यवहार और अपने पालतू जानवर के प्रति उसके लगाव ने सभी को भावुक कर दिया है।
असम में मानसून के दौरान कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनती है। भारी बारिश और नदियों के जलस्तर बढ़ने से कई क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित होता है। ऐसे हालात में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और बाढ़ के पानी से दूर रहने की सलाह दी जाती है।
रिदिप की घटना ने एक बार फिर बाढ़ जैसी आपदाओं के दौरान सुरक्षा के महत्व को सामने ला दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि भावनात्मक स्थिति में लोग कई बार जोखिम भरे कदम उठा लेते हैं, इसलिए आपदा के समय सावधानी और सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने मुलाकात के दौरान परिवार को भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी मदद के लिए हर संभव प्रयास करेगी। आर्थिक सहायता के साथ-साथ इस मुलाकात का उद्देश्य परिवार को भावनात्मक समर्थन देना भी था।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो को देखकर कई लोगों ने मुख्यमंत्री के संवेदनशील रवैये की सराहना की। लोगों ने रिदिप के साहस और अपने पालतू जानवर के प्रति उसके प्रेम को भी याद किया।
स्थानीय प्रशासन की ओर से भी घटना को लेकर जानकारी जुटाई गई है। अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों से सतर्क रहने और आपात स्थिति में प्रशासन की मदद लेने की अपील की है।
रिदिप पनिका की कहानी अब इलाके में एक भावुक उदाहरण के रूप में चर्चा में है। कम उम्र में भी उसने अपने पालतू जानवर के प्रति जिम्मेदारी और लगाव दिखाया, जिसने लोगों के दिलों को छू लिया।
कुल मिलाकर, नज़ीरा की यह घटना जहां एक ओर बाढ़ की भयावह स्थिति को दिखाती है, वहीं दूसरी ओर एक बच्चे के अपने पालतू साथी के प्रति प्रेम और त्याग को भी सामने लाती है। मुख्यमंत्री की परिवार से मुलाकात और आर्थिक सहायता ने दुखी परिवार को कुछ राहत देने की कोशिश की है।





