
Assam असम: रविवार को असम की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला, जब हिमंता बिस्वा शर्मा को भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक दल का नेता और एनडीए (NDA) विधायक दल का नेता चुना गया। इस फैसले के बाद उनके लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है। अब वह जल्द ही राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं।
हिमंता बिस्वा शर्मा के चयन की प्रक्रिया के दौरान पार्टी के केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और सह-पर्यवेक्षक नायब सिंह सैनी मौजूद रहे। उनकी मौजूदगी में विधायक दल की बैठक आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से हिमंता बिस्वा शर्मा को नेता चुना गया।
चयन के बाद अपने संक्षिप्त संबोधन में हिमंता बिस्वा शर्मा ने असम की जनता का धन्यवाद किया और NDA गठबंधन को मिली लगातार जीत को विकास कार्यों का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि जनता ने विकास और स्थिरता के पक्ष में जनादेश दिया है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी विशेष रूप से आभार व्यक्त किया और कहा कि असम के विकास को जिस स्तर तक पहुंचाने की कल्पना की गई थी, वह अब वास्तविकता बनती दिख रही है। उनके अनुसार, चुनाव परिणाम राज्य में किए गए विकास कार्यों का प्रतिफल हैं।
हिमंता बिस्वा शर्मा ने कहा कि भाजपा, असम गण परिषद और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट से मिलकर बने NDA गठबंधन का मुख्य उद्देश्य असम का निरंतर विकास करना रहेगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार आने वाले समय में बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्रों में और तेजी से काम करेगी।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, विधायक दल के नेता के रूप में उनका चयन इस बात का संकेत है कि राज्य में मौजूदा गठबंधन सरकार को फिर से जनता का समर्थन मिला है और नेतृत्व में निरंतरता बनी रहेगी।
बैठक में मौजूद पार्टी नेताओं ने भी उनके नेतृत्व पर भरोसा जताया और कहा कि उनके नेतृत्व में असम ने पिछले कार्यकाल में विकास की कई नई ऊंचाइयां हासिल की हैं। अब उम्मीद की जा रही है कि अगले कार्यकाल में यह विकास कार्य और आगे बढ़ेंगे।
फिलहाल, शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और जल्द ही नई सरकार का औपचारिक गठन किया जाएगा। असम की राजनीति में यह बदलाव एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है, जिससे राज्य में विकास और प्रशासनिक स्थिरता पर फोकस बढ़ने की उम्मीद है।





