
Assam असम: असम सरकार ने 19 अप्रैल को गुवाहाटी में भारी बारिश के कारण हुए गंभीर जलभराव में मालीगांव क्षेत्र की एक महिला की मौत की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। यह निर्णय चीफ सेक्रेटरी रवि कोटा की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान लिया गया।
बैठक में जिला प्रशासन को घटना की विस्तृत जांच कर जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ऐसी घटनाएं, जिनमें रोकी जा सकने वाली परिस्थितियों में जानमाल का नुकसान होता है, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मृतका की पहचान पायल नाथ दास के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, वह तेज बारिश के दौरान कम दृश्यता और तेज बहाव के बीच एक खुले नाले में गिर गई थीं, जिसके बाद उनकी मौत हो गई।
सरकार ने इस घटना के बाद संबंधित एजेंसियों को सतर्क रहने और समय पर मौसम पूर्वानुमान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। भारतीय मौसम विभाग, असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और जिला प्रशासन को तुरंत चेतावनी और एडवाइजरी जारी करने को कहा गया है, ताकि लोगों को समय रहते अलर्ट किया जा सके।
इसके साथ ही नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया को ड्रेनेज सिस्टम की नियमित देखरेख और पंपिंग सिस्टम को 24 घंटे सक्रिय रखने का निर्देश दिया गया है। गुवाहाटी नगर निगम और अन्य नागरिक निकायों को भी जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने और हाई अलर्ट पर रहने के लिए कहा गया है।
अधिकारियों के अनुसार, समीक्षा बैठक के तुरंत बाद शहर में कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश दर्ज की गई, जहां कुछ ही घंटों में लगभग 120 मिमी बारिश हुई। इससे कई इलाकों में जलभराव और यातायात बाधित हुआ।
प्रशासन ने बताया कि स्थिति को सामान्य करने के लिए सभी विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। राहत और निकासी कार्य जारी हैं, हालांकि मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और बारिश की संभावना जताई है।
सरकार ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ढांचागत सुधार और बेहतर आपदा प्रबंधन व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।





