
Assam असम: नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (National Education Policy 2020) के तहत गुवाहाटी यूनिवर्सिटी ने एक नया शैक्षणिक कदम उठाते हुए डेटा एनालिटिक्स में पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड B.Sc–M.Sc प्रोग्राम शुरू किया है। यह कोर्स 2026-27 के अकादमिक सत्र से लागू होगा।
यह नया प्रोग्राम यूनिवर्सिटी के स्टैटिस्टिक्स विभाग द्वारा शुरू किया गया है और इसका उद्देश्य छात्रों को तेजी से बढ़ती तकनीकी और डेटा-आधारित इंडस्ट्री के लिए तैयार करना है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बिग डेटा, मशीन लर्निंग और आधुनिक एनालिटिक्स क्षेत्रों में करियर के अवसरों पर विशेष फोकस रखा गया है।
यूनिवर्सिटी प्रशासन के अनुसार, यह पाठ्यक्रम स्टैटिस्टिक्स, गणित और प्रोग्रामिंग को एकीकृत करता है, ताकि छात्रों को मजबूत विश्लेषणात्मक और तकनीकी कौशल प्रदान किए जा सकें। बदलते समय में उद्योगों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इसे डिजाइन किया गया है।
इस प्रोग्राम में प्रवेश लेने वाले छात्रों को पहले चार वर्षों के अध्ययन के बाद डेटा एनालिटिक्स में B.Sc (ऑनर्स) की डिग्री प्रदान की जाएगी। इसके बाद छात्र चाहें तो पांचवें वर्ष में प्रवेश लेकर इंटीग्रेटेड M.Sc डिग्री पूरी कर सकते हैं।
विश्वविद्यालय का मानना है कि यह कोर्स छात्रों को न केवल अकादमिक ज्ञान देगा, बल्कि उन्हें उद्योग-उन्मुख कौशल भी प्रदान करेगा, जिससे वे रोजगार के बेहतर अवसरों के लिए तैयार हो सकेंगे।
यह पहल ऐसे समय में की गई है जब देश और दुनिया में डेटा साइंस और एनालिटिक्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। बैंकिंग, हेल्थकेयर, आईटी और रिसर्च सेक्टर में इस क्षेत्र के विशेषज्ञों की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है।
अधिकारियों के अनुसार, यह प्रोग्राम छात्रों को भविष्य की तकनीक-आधारित अर्थव्यवस्था में प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और इससे पूर्वोत्तर भारत में उच्च तकनीकी शिक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा।





