असम

AFDCL के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी की गिरफ्तारी, फंड हेराफेरी मामले में जांच तेज

Kavita2
31 May 2026 5:03 PM IST
AFDCL के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी की गिरफ्तारी, फंड हेराफेरी मामले में जांच तेज
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Assam असम: असम फिशरीज़ डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (AFDCL) के एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी को कथित फंड हेराफेरी के मामले में गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई ओडिशा में दर्ज एक मामले के सिलसिले में की गई, जिसकी जांच डायरेक्टरेट ऑफ़ विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन, असम द्वारा की जा रही है। गिरफ्तारी के बाद इस मामले ने प्रशासनिक और जांच एजेंसियों में हलचल बढ़ा दी है।

गिरफ्तार किए गए अधिकारी की पहचान पद्म कांता हज़ारिका के रूप में हुई है, जो AFDCL में ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD)-कम-प्रोजेक्ट डायरेक्टर के पद पर कार्यरत रह चुके हैं। उन्हें 30 मई को ACB पुलिस स्टेशन केस नंबर 30/2023 के तहत गिरफ्तार किया गया। यह मामला कॉर्पोरेशन के भीतर फंड के कथित डायवर्जन और गलत उपयोग से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।

प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोप है कि कॉर्पोरेशन के फंड का गलत तरीके से उपयोग किया गया और वित्तीय नियमों का पालन नहीं किया गया, जिसके चलते यह पूरा मामला सामने आया। जांच एजेंसियों ने इस केस को गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए विस्तृत जांच शुरू की है।

गिरफ्तारी के बाद पद्म कांता हज़ारिका को ओडिशा के पुरी स्थित एक अदालत में पेश किया गया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एजेंसी को चार दिन की ट्रांजिट रिमांड प्रदान की, ताकि आरोपी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए गुवाहाटी लाया जा सके। इस रिमांड के बाद जांच टीम अब उन्हें असम ले जाकर आगे की पूछताछ करेगी।

इसी दिन जांच टीम ने गुवाहाटी के हाटीगांव इलाके में भी कार्रवाई की। यहां आरोपी से जुड़े तीन फ्लैटों की तलाशी ली गई। यह तलाशी संभावित वित्तीय लेन-देन, दस्तावेजों और अन्य सबूतों को इकट्ठा करने के उद्देश्य से की गई थी। जांचकर्ताओं को उम्मीद है कि इन संपत्तियों से मामले में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।

अधिकारियों के अनुसार, यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हो सकता, बल्कि इसमें कई स्तरों पर वित्तीय अनियमितताओं की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है। इसलिए जांच को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है। दस्तावेजों, बैंक ट्रांजैक्शन और फंड के उपयोग से जुड़े सभी रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।

इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि मामला एक सरकारी कॉर्पोरेशन से जुड़ा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि फंड डायवर्जन किस स्तर पर और किन परिस्थितियों में हुआ।

फिलहाल आरोपी को गुवाहाटी लाकर आगे की पूछताछ और दस्तावेजी जांच की तैयारी की जा रही है। मामले में आने वाले दिनों में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे जांच की दिशा और स्पष्ट हो सकती है।

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