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बाढ़ से असम में संकट, 78 लोगों की गई जान

Kavita2
30 July 2026 12:01 PM IST
बाढ़ से असम में संकट, 78 लोगों की गई जान
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गुवाहाटी। असम में बाढ़ की स्थिति गुरुवार को भी गंभीर बनी हुई है। हालांकि राज्य के कई इलाकों से धीरे-धीरे पानी उतरने लगा है, लेकिन बड़ी संख्या में लोग अब भी बाढ़ की चपेट में हैं। प्रशासन के अनुसार, राज्य में बाढ़ और उससे जुड़ी घटनाओं में अब तक 78 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि तीन लाख से अधिक लोग अभी भी प्रभावित हैं।

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अधिकारियों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में बारिश की तीव्रता कम होने के कारण ऊपरी असम के कई जिलों में जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। इससे बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों को कुछ राहत मिली है। हालांकि, कई निचले इलाकों में अब भी पानी जमा है और लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

ASDMA के एक अधिकारी ने बताया कि ऊपरी असम के अधिकतर बाढ़ प्रभावित जिलों में बारिश नहीं होने से डूबे हुए क्षेत्रों से पानी धीरे-धीरे निकल रहा है। इससे ग्रामीणों को थोड़ी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं।

बाढ़ के कारण राज्य के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। हजारों परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और कई लोग अभी भी राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। बाढ़ के कारण सड़क संपर्क, कृषि और दैनिक गतिविधियों पर भी असर पड़ा है।

इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों के लिए मौसम को लेकर चिंता बढ़ाने वाला पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के दौरान असम के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान के साथ भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है।

मौसम विभाग की चेतावनी के बाद उन जिलों के लिए सतर्कता बढ़ा दी गई है, जो अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड की सीमा से लगे हुए हैं। प्रशासन को आशंका है कि यदि इन क्षेत्रों में तेज बारिश होती है तो नदियों के जलस्तर में दोबारा बढ़ोतरी हो सकती है और बाढ़ की स्थिति फिर गंभीर हो सकती है।

असम में हर साल मानसून के दौरान बाढ़ एक बड़ी समस्या बनकर सामने आती है। ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ने से राज्य के कई जिले प्रभावित होते हैं। इस बार भी लगातार बारिश और नदियों के उफान के कारण बड़े क्षेत्र में पानी भर गया था।

प्रशासन की ओर से राहत कार्यों के तहत प्रभावित लोगों तक भोजन, पीने का पानी और जरूरी सामान पहुंचाया जा रहा है। बचाव दलों को भी संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पानी घटने के बाद कई इलाकों में बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी कर रही हैं और लोगों को साफ-सफाई बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।

कृषि क्षेत्र पर भी बाढ़ का बड़ा असर पड़ा है। कई इलाकों में खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान पहुंचा है। किसान बाढ़ के कारण हुए नुकसान को लेकर चिंतित हैं और प्रशासन से सहायता की उम्मीद कर रहे हैं।

अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल कुछ क्षेत्रों में स्थिति में सुधार हुआ है, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।

असम सरकार और आपदा प्रबंधन एजेंसियां लगातार स्थिति की समीक्षा कर रही हैं। प्रशासन का कहना है कि प्राथमिकता प्रभावित लोगों की सुरक्षा और उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है। आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति और नदियों के जलस्तर के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

फिलहाल राज्य में बाढ़ का असर कम होने के संकेत मिल रहे हैं, लेकिन मौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी ने प्रशासन और लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सभी की नजर अब अगले कुछ दिनों के मौसम और नदियों के जलस्तर पर बनी हुई है।

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