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असम के गांवों में वित्तीय जागरूकता अभियान, महिलाओं को मिलेगा बढ़ावा

Ratna Netam
24 Oct 2026 6:53 PM IST
असम के गांवों में वित्तीय जागरूकता अभियान, महिलाओं को मिलेगा बढ़ावा
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कामरूप। असम के कामरूप (मेट्रो) जिले में ग्रामीण परिवारों तक बैंकिंग सुविधाओं, संस्थागत ऋण और सरकारी वित्तीय सुरक्षा योजनाओं की पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। खेतरी के पास मलयबाड़ी ग्राम पंचायत सभागार में हुए इस जमीनी वित्तीय समावेशन और ऋण पहुंच कार्यक्रम में ग्रामीण वित्तीय सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण और उद्यमिता को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।यह पहल वित्तीय सेवा विभाग (DFS), भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) के नेतृत्व में संचालित वित्तीय समावेशन अभियान के अंतर्गत आयोजित की गई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ना और उन्हें जरूरत के अनुसार संस्थागत ऋण तथा सरकार समर्थित वित्तीय सुरक्षा योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के प्रयासों को मजबूत करना था।
ग्रामीण परिवारों तक वित्तीय सेवाएं पहुंचाने की पहल
ग्रामीण क्षेत्रों में कई परिवारों को बैंकिंग सुविधाओं, कर्ज और वित्तीय सुरक्षा योजनाओं की जानकारी या उपलब्धता संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में वित्तीय समावेशन कार्यक्रमों का उद्देश्य लोगों को औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से जोड़ना और उन्हें उपलब्ध सेवाओं के बारे में जागरूक करना है।मलयबाड़ी में आयोजित कार्यक्रम इसी दिशा में एक पहल रहा। इसके माध्यम से ग्रामीण समुदाय तक बैंकिंग और ऋण सुविधाओं की पहुंच मजबूत करने तथा वित्तीय योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर ध्यान दिया गया।संस्थागत ऋण तक पहुंच बेहतर होने से ग्रामीण परिवार कृषि, छोटे कारोबार और अन्य आजीविका गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त करने के विकल्पों को समझ सकते हैं। इससे अनौपचारिक स्रोतों पर निर्भरता कम करने और वित्तीय फैसले अधिक जानकारी के साथ लेने में मदद मिल सकती है।
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान
कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देना भी प्रमुख उद्देश्य रहा। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं स्वयं सहायता समूहों, छोटे व्यवसायों, कृषि और घरेलू उद्यमों के माध्यम से आय अर्जित करती हैं। लेकिन कई बार पर्याप्त पूंजी और संस्थागत ऋण की जानकारी न होने के कारण उन्हें अपना कारोबार बढ़ाने में कठिनाई होती है।वित्तीय समावेशन अभियान के माध्यम से महिलाओं को बैंकिंग सेवाओं, ऋण सुविधाओं और सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। इससे महिलाओं को आर्थिक फैसले लेने, छोटे कारोबार शुरू करने और परिवार की आय में योगदान बढ़ाने के अवसर मिल सकते हैं।
सरकारी योजनाओं और बैंकिंग सुविधाओं की जानकारी
केंद्र सरकार का देशव्यापी वित्तीय समावेशन अभियान 21 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक चलाया जा रहा है। इसका लक्ष्य देश की करीब 2.70 लाख ग्राम पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों तक प्रमुख वित्तीय योजनाओं की पहुंच बढ़ाना है।इस अभियान के तहत प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY), प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) और अटल पेंशन योजना (APY) जैसी योजनाओं पर जोर दिया जा रहा है। इसके अलावा पात्र किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) से जोड़ने के प्रयास भी शामिल हैं।ग्रामीण लोगों को बैंक खातों की केवाईसी अपडेट कराने, नामांकन संबंधी जानकारी सही रखने और डिजिटल धोखाधड़ी से बचने के उपायों के बारे में जागरूक करना भी अभियान का हिस्सा है।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश
मलयबाड़ी में आयोजित यह कार्यक्रम ग्रामीण परिवारों तक वित्तीय सेवाएं पहुंचाने की व्यापक पहल का हिस्सा है। बैंकिंग संस्थानों और संबंधित एजेंसियों के समन्वय से लोगों को औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से जोड़ने और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।संस्थागत ऋण की बेहतर उपलब्धता से ग्रामीण उद्यमियों को कृषि, पशुपालन, छोटे व्यापार और अन्य आजीविका गतिविधियों के लिए पूंजी जुटाने में मदद मिल सकती है। वहीं, वित्तीय सुरक्षा योजनाएं पात्र परिवारों को जीवन बीमा, दुर्घटना बीमा और पेंशन जैसी सुविधाओं से जोड़ने में उपयोगी हो सकती हैं।इस पहल का व्यापक उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना, महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना और स्थानीय स्तर पर रोजगार तथा उद्यमिता के अवसर विकसित करना है।
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