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Assam असम: असम के धुबरी जिले में शैक्षणिक धोखाधड़ी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक नकली HSLC (हाई स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट) मार्कशीट रैकेट का पर्दाफाश किया है। 29 अप्रैल को की गई इस कार्रवाई में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, जिस पर जाली शैक्षणिक प्रमाणपत्र जारी करने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार यह पूरा रैकेट मगुरमारी डोंगरपार इलाके में स्थित “इंग्लिश एजुकेशन एकेडमी” नामक एक संस्थान से संचालित किया जा रहा था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस संस्थान के जरिए फर्जी मार्कशीट और प्रमाणपत्र तैयार कर लोगों को दिए जा रहे थे।
अधिकारियों का कहना है कि यह मामला लंबे समय से चल रहे एक संगठित शैक्षणिक धोखाधड़ी नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है, जिसमें छात्रों और नौकरी चाहने वालों को गलत तरीके से प्रमाणपत्र उपलब्ध कराए जा रहे थे। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।
गिरफ्तार किए गए व्यक्ति पर आरोप है कि वह जाली दस्तावेज तैयार करने और उन्हें बाजार में बेचने का काम कर रहा था। पुलिस ने उसके पास से कुछ संदिग्ध दस्तावेज और सामग्री भी बरामद की है, जिन्हें जांच के लिए भेज दिया गया है।
धुबरी पुलिस ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि इलाके में एक संस्थान के माध्यम से फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्रों का कारोबार चल रहा है। सूचना की पुष्टि के बाद एक विशेष टीम गठित कर छापेमारी की गई, जिसमें यह सफलता मिली।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के फर्जी प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल नौकरी पाने और अन्य शैक्षणिक लाभ लेने के लिए किया जा रहा था, जिससे शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस रैकेट से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं और कितने फर्जी दस्तावेज अब तक जारी किए जा चुके हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस नेटवर्क का विस्तार अन्य जिलों या राज्यों तक है।
शिक्षा विभाग ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी तरह की शैक्षणिक धोखाधड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
स्थानीय लोगों ने भी इस कार्रवाई का स्वागत किया है और कहा है कि ऐसे रैकेट्स पर रोक लगना जरूरी है, ताकि छात्रों और अभिभावकों का भरोसा शिक्षा व्यवस्था पर बना रहे।
विशेषज्ञों का मानना है कि फर्जी प्रमाणपत्रों का यह कारोबार न केवल शिक्षा प्रणाली को कमजोर करता है, बल्कि योग्य छात्रों के अवसरों को भी प्रभावित करता है।
पुलिस ने कहा है कि इस मामले में आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं, क्योंकि जांच अभी जारी है और कई संदिग्धों की पहचान की जा रही है।
कुल मिलाकर, धुबरी में हुआ यह भंडाफोड़ शैक्षणिक धोखाधड़ी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई है, जिसने एक बार फिर फर्जी प्रमाणपत्र रैकेट्स की गंभीरता को उजागर किया है।
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