
Assam असम: असम में गुरुवार को ईद-अल-अज़हा का पर्व पूरे श्रद्धा और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर राज्य के विभिन्न हिस्सों में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ईदगाहों और मस्जिदों में एकत्र होकर विशेष नमाज़ अदा की और शांति, भाईचारे तथा समृद्धि की दुआ मांगी।
राज्यभर में सुबह से ही ईदगाहों में श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली, जहां लोगों ने सामूहिक रूप से नमाज़ पढ़कर इस पवित्र पर्व का शुभारंभ किया। पर्व के दौरान धार्मिक आस्था और सामुदायिक सहभागिता का विशेष वातावरण देखने को मिला।
गुवाहाटी में स्थित ऐतिहासिक मचखोवा ईदगाह मैदान में बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज़ अदा की। सुबह के समय ही हजारों श्रद्धालु वहां पहुंच गए और सामूहिक प्रार्थना में शामिल हुए।
इसी तरह नागांव जिला में भी ईद-अल-अज़हा के अवसर पर व्यापक धार्मिक आयोजन हुए। अंजुमन ईदगाह मैदान सहित जिले की कई ईदगाहों में लोगों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर नमाज़ अदा की।
नागांव जिले के सामगुरी, रूपाहीहाट, राहा, धींग, कालियाबोर, जुरिया, काठियाटोली और कामपुर जैसे क्षेत्रों में भी लोगों ने सामूहिक नमाज़ में भाग लिया। इन सभी स्थानों पर धार्मिक एकता और सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर लोगों ने कुर्बानी की परंपराओं का भी पालन किया। कई जगहों पर सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए पशु कुर्बानी की गई, जिसमें लोगों ने परंपरागत रूप से बकरा, भैंस और भेड़ का चयन किया। प्रशासन द्वारा जारी सलाह का पालन करते हुए विभिन्न समुदायों ने नियमों के अनुसार पर्व मनाया।
ईद के मौके पर पूरे राज्य में शांति और सौहार्द का माहौल बना रहा। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों ने भी व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग दिया, जिससे किसी भी तरह की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
धार्मिक नेताओं ने इस अवसर पर लोगों से आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि ईद-अल-अज़हा त्याग, समर्पण और मानवता का संदेश देने वाला पर्व है।
असम में मनाए गए इस पर्व ने एक बार फिर सांप्रदायिक सौहार्द और शांतिपूर्ण सहअस्तित्व की मिसाल पेश की, जहां बड़ी संख्या में लोग एक साथ धार्मिक परंपराओं में शामिल हुए।





