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Guwahati गुवाहाटी: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), गुवाहाटी क्षेत्रीय कार्यालय ने पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के तत्कालीन वरिष्ठ अनुभाग अधिकारी (लेखा) संजय चक्रवर्ती और दो अन्य के खिलाफ धन शोधन के मामले में कार्रवाई की है। ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत 1.05 करोड़ रुपए की चल संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क की। यह कार्रवाई 5.13 करोड़ रुपए की रेलवे निधि के गबन से जुड़े मामले में की गई है। ईडी की जांच सीबीआई, एसीबी, गुवाहाटी द्वारा दर्ज एक एफआईआर पर आधारित है, जिसमें संजय चक्रवर्ती और अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता, 1860 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 2018 के तहत आरोप लगाए गए थे। जांच में खुलासा हुआ कि संजय चक्रवर्ती ने रेलवे के एकीकृत वेतन एवं लेखा प्रणाली (आईपीएएस) में हेराफेरी कर अपने पद का दुरुपयोग किया।
उन्होंने वास्तविक लाभार्थियों के बैंक खातों को बदलकर दो फर्मों इंटिमेट और आरसी कंप्यूटर सॉल्यूशन के खातों में 24 फर्जी बिलों के जरिए 5.13 करोड़ रुपए हस्तांतरित किए। ये फर्म उनकी पत्नी और बेटी के नाम पर थीं और कुछ राशि उनके निजी खातों में भी डाली गई। इस अपराध से प्राप्त 1.43 करोड़ रुपए को संजय चक्रवर्ती ने तत्कालीन वरिष्ठ मंडल वित्त प्रबंधक, उनके परिवार और रिश्तेदारों के साथ मिलकर हस्तांतरित किया। इस राशि को विभिन्न बैंक खातों में जमा कर चल संपत्ति, बीमा पॉलिसियों, घरेलू सामान और निजी खर्चों में इस्तेमाल किया गया। ईडी ने अब तक इस मामले में कुल 3.47 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क की है, जिसमें पहले 2.42 करोड़ रुपए की कुर्की शामिल है। ईडी ने इस मामले में संजय चक्रवर्ती और उनके सहयोगियों के खिलाफ अभियोजन शुरू किया है और आगे की जांच जारी है।
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