
गुवाहाटी : असम सरकार ने राज्य में नशे के कारोबार के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज करते हुए रविवार को बड़ी मात्रा में जब्त किए गए ड्रग्स को नष्ट किया। गुवाहाटी के बाहरी इलाके में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान करीब ₹472.51 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थों को नष्ट किया गया।
इस कार्रवाई का उद्देश्य न केवल ड्रग्स तस्करी के खिलाफ सख्त संदेश देना था, बल्कि आम लोगों, खासकर युवाओं को नशे के खतरों के प्रति जागरूक करना भी था। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, कैबिनेट मंत्री जयंत मल्ला बरुआ, नारायण डेका, असम पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और कई सरकारी अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने खुद रोड रोलर चलाकर जब्त किए गए ड्रग्स को नष्ट किया। मुख्यमंत्री ने इस कार्रवाई का वीडियो सोशल मीडिया पर भी साझा किया और कहा कि राज्य सरकार ड्रग्स के खिलाफ अपनी लड़ाई को अगले स्तर पर ले जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशीले पदार्थों का कारोबार समाज और खासकर युवाओं के भविष्य के लिए बड़ा खतरा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने ड्रग्स के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है और इस दिशा में लगातार कार्रवाई की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ड्रग्स की तस्करी के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करते हुए ऐसे मादक पदार्थों को नष्ट किया गया है, जो कई लोगों की जिंदगी बर्बाद कर सकते थे। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य असम को नशामुक्त बनाने की दिशा में लगातार काम करना है।
अधिकारियों के अनुसार, नष्ट किए गए ड्रग्स पूरे असम में दर्ज विभिन्न मामलों के दौरान पुलिस द्वारा जब्त किए गए थे। इनमें अलग-अलग प्रकार के प्रतिबंधित मादक पदार्थ शामिल थे। इन सभी को तय प्रक्रिया के तहत नष्ट किया गया।
ड्रग्स को नष्ट करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से उपलब्ध कराए गए हाई-टेम्परेचर इंसिनरेटर का इस्तेमाल किया गया। अधिकारियों ने बताया कि यह वैज्ञानिक तरीके से किया गया निपटान है, जो पर्यावरण की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अपनाया गया है।
असम पुलिस पिछले कुछ समय से राज्य में ड्रग्स तस्करी के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चला रही है। पुलिस ने कई जिलों में कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ जब्त किए हैं और तस्करी से जुड़े कई लोगों को गिरफ्तार भी किया है।
अधिकारियों का कहना है कि असम भौगोलिक रूप से कई अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय सीमाओं से जुड़ा हुआ है, जिसके कारण यहां ड्रग्स तस्करी की चुनौती बनी रहती है। इसे देखते हुए पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी बढ़ा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल पुलिस कार्रवाई से ही नशे की समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि समाज के सभी वर्गों की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे ड्रग्स के खिलाफ जागरूकता अभियान में सहयोग करें और युवाओं को नशे से दूर रखने में भूमिका निभाएं।
राज्य सरकार का कहना है कि ड्रग्स के खिलाफ अभियान में जब्ती, गिरफ्तारी और नष्ट करने की कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता कार्यक्रमों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। स्कूलों, कॉलेजों और समुदायों में नशे के दुष्प्रभावों को लेकर जागरूकता फैलाने की कोशिश की जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, जब्त किए गए मादक पदार्थों को लंबे समय तक सुरक्षित रखना भी चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में वैज्ञानिक तरीके से उनका निपटान जरूरी होता है, ताकि वे दोबारा अवैध बाजार में न पहुंच सकें।
रविवार की कार्रवाई को असम सरकार की ड्रग्स विरोधी मुहिम का एक बड़ा कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग्स नष्ट किए जाने से प्रशासन ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि राज्य में नशीले पदार्थों के कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
असम सरकार और पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि ड्रग्स तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा और राज्य को नशामुक्त बनाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।





