असम

गुवाहाटी में काती बिहू पर घरों और खेतों में जलाए गए दीये, लोग मनाते कृषि उत्सव

SHIDDHANT
18 Oct 2025 8:51 PM IST
गुवाहाटी में काती बिहू पर घरों और खेतों में जलाए गए दीये, लोग मनाते कृषि उत्सव
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Assam असम: असम में तीन बिहू त्योहारों में से एक काती बिहू बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। गुवाहाटी में लोगों ने अपने घर और कृषि क्षेत्रों में दीये जलाकर यह पर्व मनाया। यह त्योहार असमी समाज की कृषि और फसल उत्सव की परंपरा को दर्शाता है। काती बिहू असम में फसल और कृषि से जुड़ा महत्वपूर्ण त्यौहार है। इस दिन किसान अपने खेतों और घरों में दीयों की रोशनी से वातावरण को जगमगाते हैं। लोग विश्वास करते हैं कि दीयों की रोशनी से उनकी फसलों और कृषि उपज में समृद्धि आएगी। गुवाहाटी में लोग सुबह से ही अपने घरों को साफ-सुथरा कर दीये और फूलों से सजाते नजर आए। लोग अपने परिवार और मित्रों के साथ इस पर्व को खुशी और उमंग के साथ मनाते हैं। बच्चों और युवाओं ने विशेष उत्साह के साथ दीयों को सजाया और पारंपरिक गीत और नृत्य का आनंद लिया।
काती बिहू के अवसर पर किसानों ने अपने खेतों में दीप जलाकर भगवान और प्रकृति का आभार व्यक्त किया। यह दिन कृषि से जुड़ी परंपराओं और कृषक समुदाय के उत्सव का प्रतीक माना जाता है। गुवाहाटी के कई क्षेत्रों में लोग अपने खेतों में दीये जलाकर फसलों की सुरक्षा और समृद्धि की कामना करते हैं।त्योहार की इस परंपरा में पारिवारिक मिलन और सामाजिक मेलजोल की भी भावना झलकती है। लोग अपने परिवार और पड़ोसियों के साथ भोजन और मिठाइयों का आदान-प्रदान करते हैं। बाजारों में भी इस अवसर पर दीयों, फूलों और पारंपरिक सजावट की वस्तुओं की बिक्री में वृद्धि देखी गई।
स्थानीय लोगों ने बताया कि काती बिहू केवल धार्मिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह संस्कृति, परंपरा और कृषि जीवन से जुड़े रीति-रिवाजों का प्रतीक भी है। इसके माध्यम से लोग अपनी जड़ें और सांस्कृतिक धरोहर से जुड़े रहते हैं। इस अवसर पर गुवाहाटी शहर और आसपास के क्षेत्रों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पारंपरिक नृत्यों का आयोजन भी किया गया। लोग स्थानीय गीतों और परंपरागत नृत्यों में भाग लेकर त्योहार की खुशियों को दोगुना कर रहे थे। इस तरह, काती बिहू के अवसर पर गुवाहाटी में दीयों की जगमगाहट, खुशियों और कृषि परंपरा ने पूरे शहर को त्योहार का रंग और माहौल प्रदान किया। यह पर्व न केवल कृषि समुदाय के लिए, बल्कि पूरे असम की सांस्कृतिक धरोहर और सामाजिक एकता के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
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