
Assam असम: असम के बारपेटा में 3 अप्रैल को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की नीतियों की कड़ी आलोचना की। खेड़ा ने BJP के चुनाव घोषणापत्र को “रीसायकल किया हुआ डॉक्यूमेंट” बताते हुए कहा कि यह चुनाव के बाद गायब हो जाता है और जनता को कोई स्थायी फायदा नहीं पहुँचाता।
खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जोर देकर कहा कि कांग्रेस का चुनाव घोषणापत्र जनता से मिले बड़े फीडबैक के आधार पर तैयार किया गया है और इसमें हर वादे के लिए स्पष्ट टाइमलाइन तय की गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सत्ता में आने पर अपने वादों को 100 दिनों के भीतर पूरा करेगी।
खेड़ा ने सिंगर ज़ुबीन गर्ग के मामले को लेकर मुख्यमंत्री सरमा पर सीधे निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि CM न्याय मिलने से रोक रहे हैं और कुछ खास लोगों को बचाने के लिए ज़ुबीन गर्ग के मामले में कार्रवाई नहीं की जा रही। उन्होंने सवाल उठाया कि CM असल में किसे बचा रहे हैं और कोर्ट के हवाले कर देने की बात को भी खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, “कमजोर सबूत वाले कानूनी मामले, जैसे फ्रीज किए गए बैंक अकाउंट, कभी-कभी फिर से खोले जा सकते हैं, लेकिन सरकार ठोस कार्रवाई से बच रही है।”
खेड़ा ने बारपेटा में “डबल-इंजन” सरकार के तहत विकास की कमी पर भी चिंता जताई। उन्होंने रेलवे स्टेशन और यूनिवर्सिटी की कमी का जिक्र किया और कहा कि यह इलाके की प्रगति में बाधा बन रहा है। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री के परिवार के सदस्यों और स्थानीय लोगों पर आदिवासी और अन्य समुदायों से लगभग 12,000 बीघा ज़मीन गैर-कानूनी तरीके से लेने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेता ने वादा किया कि उनकी सरकार आने पर इस ज़मीन को वापस लिया जाएगा और ज़िम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
बेरोज़गारी पर बात करते हुए खेड़ा ने कहा कि असम में पिछले दशक में युवाओं के लिए पर्याप्त रोजगार के अवसर नहीं बने। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार युवाओं को नए मौके देगी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगी। हल्के-फुल्के अंदाज़ में उन्होंने कहा कि CM की अपनी “बेरोज़गारी” से नौकरियाँ नहीं बढ़ेंगी।
खेड़ा ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस का एजेंडा साफ़ है: जनता के हित में ठोस और समयबद्ध विकास, सामाजिक न्याय, युवाओं के लिए रोजगार और कानूनी मामलों में निष्पक्षता। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे इस बार कांग्रेस को मौका दें ताकि बारपेटा और पूरे असम में स्थायी और न्यायपूर्ण बदलाव लाया जा सके।
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, खेड़ा ने कई मुद्दों को सीधे तौर पर उठाया और मुख्यमंत्री सरमा की नीतियों की आलोचना करते हुए दावा किया कि BJP की सरकार स्थानीय विकास और युवाओं के रोजगार के मामले में विफल रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आने पर जनता की शिकायतों और मुद्दों को प्राथमिकता दी जाएगी और किसी भी तरह की अनियमितताओं पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस तरह, बारपेटा में पवन खेड़ा ने बीजेपी और CM पर आरोपों की लंबी सूची प्रस्तुत की और कांग्रेस के चुनावी एजेंडा को जनता के सामने रखा।





