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Assam असम। पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने रविवार को इस फैसले पर अपनी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि चुनावी तारीखों का ऐलान सेंसिटिविटी और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए किया जाना चाहिए।
खेड़ा ने विशेष रूप से केरल का उदाहरण देते हुए कहा कि राज्य में आगामी ईस्टर का पर्व केवल 23 दिन दूर है। इसलिए चुनाव आयोग को तारीखों की घोषणा करने से पहले सभी स्टेकहोल्डर्स से अच्छी तरह परामर्श करना चाहिए। उनका कहना था कि यह कदम लोकल सेंसिबिलिटीज़ का सम्मान सुनिश्चित करेगा और चुनावी प्रक्रिया में किसी प्रकार की असुविधा को रोकेगा।
साथ ही पवन खेड़ा ने SIR (सर्वे ऑफ इलेक्टर्स रजिस्ट्रेशन) प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछले छह महीनों के अनुभव से यह स्पष्ट हो गया है कि यह एक्सरसाइज़ मतदाताओं को जोड़ने के लिए नहीं बल्कि उन्हें डिलीट करने के लिए की जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह डिलीटिंग प्रक्रिया जानबूझकर और टारगेटेड तरीके से की जा रही है। खेड़ा ने जोर देते हुए कहा कि SIR प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाना आवश्यक है, क्योंकि इसका सीधा असर मतदाता सूची और चुनाव की निष्पक्षता पर पड़ता है।
इस दौरान उन्होंने चुनाव आयोग से अपील की कि वह मतदाता सूची अपडेटिंग और SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करे और सभी राजनीतिक दलों और नागरिकों की संवेदनशीलताओं का ध्यान रखे। कांग्रेस नेता का यह बयान ऐसे समय आया है जब चुनाव आयोग ने असम, केरल, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की है, और राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
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