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Assam असम। पूर्व छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को लेकर दिए गए बयान के बाद राज्य में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। असम प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष मीरा बोर्थाकुर गोस्वामी ने भूपेश बघेल के बयान का समर्थन करते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर निशाना साधा है।
मीरा बोर्थाकुर गोस्वामी ने कहा कि मामले को केवल एक बयान के आधार पर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि नेताओं के अपने-अपने क्षेत्रों में किए गए कामों और राजनीतिक गतिविधियों को भी ध्यान में रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी अध्यक्ष ने अपने निर्वाचन क्षेत्र में क्या किया है, इस पर भी चर्चा होनी चाहिए।
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को वरिष्ठ और प्रमुख नेता बताते हुए कहा कि उनके राजनीतिक अनुभव और कार्यों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। मीरा ने कहा कि भूपेश बघेल सत्ता में आने के लिए किसी तरह की गड़बड़ी के सहारे नहीं आए थे।
कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि नागांव में कथित EVM से जुड़े विवाद को लेकर जो मॉडल सामने आया है, वही मॉडल अब चुनाव लड़ने के लिए इस्तेमाल किए जाने की बात कही जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे मुद्दों पर सवाल उठाने वाले नेताओं को पहले अपने स्तर पर जवाब देना चाहिए।
मीरा बोर्थाकुर ने कहा कि जब भूपेश बघेल जैसे वरिष्ठ नेता किसी विषय पर टिप्पणी करते हैं तो उसे गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे मामलों में सवाल उठाने का नैतिक अधिकार सीमित हो जाता है।
गौरतलब है कि असम में आगामी राजनीतिक गतिविधियों के बीच कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। चुनावी मुद्दों, राजनीतिक रणनीति और प्रशासनिक फैसलों को लेकर दोनों दल लगातार एक-दूसरे पर हमला कर रहे हैं। भूपेश बघेल के बयान के बाद शुरू हुआ यह विवाद अब असम की राजनीति में एक नया मुद्दा बनता दिखाई दे रहा है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि वे लोकतांत्रिक प्रक्रिया और चुनावी पारदर्शिता से जुड़े सवाल उठाते रहेंगे।
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