असम
सीएम सरमा ने दी अधिकारियों को चेतावनी, कहा- 'भ्रष्टाचार करते हुए पकड़ा, तो टाइगर की तरह हमला करूंगा'
Deepa Sahu
14 Feb 2022 6:27 PM IST

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असम (Assam) के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा (CM Himanta Biswa Sarma) इन दिनों अपने तीखे बयानों को लेकर खूब चर्चा में है.
असम (Assam) के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा (CM Himanta Biswa Sarma) इन दिनों अपने तीखे बयानों को लेकर खूब चर्चा में है. वहीं इस बीच उन्होंने एक ऐसा बयान दिया है जिसे सुनकर अधिकारियों के होश उड़ गए. सीएम सरमा ने गुवाहाटी में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेगी. अगर कोई अधिकारी भ्रष्टाचार करते हुए पकड़ा गया तो उस पर बाघ की तरह हमला करूंगा. बता दें कि सरमा रविवार को 15वें वित्त आयोग अनुदान के तहत गुवाहाटी के श्रीमंत शंकरदेव कालकाक्षेत्र में "Utilization of Tied Fund" पर एक सम्मेलन में पीआरआई सदस्यों, पंचायत अधिकारियों और ग्रामीण विकास और जन स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के साथ बातचीत कर रहे थे. इसी दौरान उन्होंने ये बातें कहीं.
असम को बदलना होगा
मुख्यमंत्री ने कहा, 'असम को बदलना होगा. प्रधानमंत्री जन आवास योजना में अगर कोई 2,000 रुपये लेता है और मुझे इसके बारे में पता चलता है, तो मैं उस व्यक्ति पर बाघ की तरह हमला करूंगा. मैं एक हेल्पलाइन नंबर खोल रहा हूं और लोगों को बताऊंगा कि अगर कोई पैसे मांगता है तो राज्य हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके अपनी शिकायत दें और मुझे भी सूचित करें.'
2024 तक असम के सभी ग्रामीण परिवारों तक पहुंचेगा सुरक्षित नल का पानी
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि उनकी सरकार जल जीवन मिशन (JJM) के तहत 2024 तक असम के सभी ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित नल का पानी उपलब्ध कराने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है. सरमा ने यह भी कहा, 'JJM के तहत 'हर घर नल जल' प्रदान करके पीएम मोदी ने ग्रामीण भारत में बड़ा परिवर्तन लाया है. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि योजना के संचालन के लिए सभी 24 हजार जलापूर्ति योजनाओं में तकनीकी रूप से सशक्त स्वयंसेवकों के चयन से प्रत्येक ग्रामीण परिवार को पर्याप्त मात्रा में पेयजल की आपूर्ति हो सकेगी.
उन्होंने लोगों के जीवन में सुधार के लिए जल जीवन मिशन के सफल रखरखाव और निर्वाह के लिए सभी हितधारकों के सहयोग की भी मांग की. असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के प्रत्येक राजस्व गांव में इस दृष्टि से योजना की परिकल्पना करने के बाद कि 'कोई भी छूट न जाए', कार्यान्वयन विभागों को योजनाओं के रखरखाव प्रोटोकॉल की देखभाल के लिए 'जल उपयोगकर्ता समिति" का गठन करना चाहिए.'
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