असम

बकसा जेल के बाहर हिंसा पर मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा का बयान

SHIDDHANT
16 Oct 2025 9:19 PM IST
बकसा जेल के बाहर हिंसा पर मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा का बयान
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Assam असम: मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने हाल ही में बकसा जिला जेल के बाहर हुई हिंसा पर बयान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आरोपियों को धुबरी या दीफू जेल ले जाने का विकल्प था, लेकिन इसके लिए पाँच घंटे की यात्रा करनी पड़ती, जो तत्काल संभव नहीं थी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने तुरंत स्थानांतरण के लिए जेल का चयन किया। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पुलिस ने सुरक्षा और त्वरित कार्रवाई को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कदम कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी था। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य हिंसा को रोकना और आरोपी व्यक्तियों को सुरक्षित रूप से जेल तक पहुंचाना था।”
हिंसा और पुलिस कार्रवाई:
बकसा जिला जेल के बाहर हुई हिंसा में जेल कर्मचारियों और पुलिस कर्मियों पर हमला हुआ। मुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तुरंत बल तैनात किए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों ने किसी भी गंभीर नुकसान को रोकने में सफलता पाई। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आरोपियों का स्थानांतरण और जेल में प्रवेश पूरी तरह से नियमों और कानून के अनुसार किया गया। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि अधिकारी सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने में सक्षम रहे।
आगे की कार्रवाई और जांच:
हिमंता बिस्वा शर्मा ने कहा कि इस मामले की पूरी गहन जांच की जा रही है। आरोपियों की पहचान और उनके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि हिंसा के पीछे की वजहों का पता लगाया जा रहा है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल और निगरानी को और मजबूत किया जाएगा।
समाज और प्रशासन पर प्रभाव:
मुख्यमंत्री ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि राज्य में सुरक्षा और कानून का पालन प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि जेल और पुलिस प्रशासन को समुदाय और नागरिकों के विश्वास को बनाए रखने के लिए सतत प्रयास करना होगा। इस घटना ने राज्य में जेल सुरक्षा, पुलिस तैयारी और आपातकालीन प्रबंधन की अहमियत को रेखांकित किया। विशेषज्ञों का मानना है कि जेलों में स्थानांतरण और भीड़ नियंत्रण के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री के बयान से यह संकेत मिलता है कि अपराधियों और सुरक्षा बलों दोनों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही पुलिस ने निर्णय लिया।
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