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Kokrajhar कोकराझार : असम के कोकराझार में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जिला समिति ने 23 अप्रैल को अपने जिला कार्यालय में “महिला आक्रोश” नाम से विरोध प्रदर्शन आयोजित किया। इस कार्यक्रम के माध्यम से पार्टी ने प्रस्तावित नारी शक्ति वंदन बिल 2026 को लेकर कांग्रेस के नेतृत्व वाले INDI गठबंधन के रुख का विरोध दर्ज कराया।
यह प्रदर्शन पार्टी के राज्य नेतृत्व के निर्देशों के तहत आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में जिला महिला मोर्चा, जिला युवा मोर्चा के सदस्य, पार्टी के विभिन्न पदाधिकारी और अन्य मोर्चों के प्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को बढ़ाने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।
प्रदर्शन में शामिल प्रतिभागियों ने कहा कि महिलाओं को राजनीति में अधिक अवसर और प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। उन्होंने शासन व्यवस्था में महिलाओं की समान भागीदारी और सम्मान सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस दौरान विभिन्न वक्ताओं ने महिलाओं की भूमिका को मजबूत करने के लिए कानूनी और नीतिगत समर्थन की जरूरत बताई।
कार्यक्रम के दौरान नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को सामने रखा। नेताओं ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल एक नारा नहीं, बल्कि इसे व्यवहार में लागू करने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में अधिक हिस्सेदारी मिलनी चाहिए।
पार्टी सदस्यों के अनुसार, यह प्रदर्शन प्रस्तावित नारी शक्ति वंदन बिल के प्रति उनके समर्थन को दर्शाता है। उनका कहना था कि यह बिल महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और इसे प्रभावी रूप से लागू किया जाना चाहिए।
इस मौके पर वक्ताओं ने यह भी कहा कि आने वाले समय में इस मुद्दे को लेकर और भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने संकेत दिया कि महिला अधिकारों और प्रतिनिधित्व के समर्थन में पार्टी द्वारा इसी तरह के अभियान जारी रह सकते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस प्रकार के कार्यक्रमों के जरिए पार्टियां अपने-अपने राजनीतिक रुख को स्पष्ट करने के साथ-साथ जनसमर्थन जुटाने की कोशिश करती हैं। विशेष रूप से महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दे पर यह विषय और अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है।
कोकराझार में आयोजित इस प्रदर्शन के माध्यम से BJP ने यह संदेश देने की कोशिश की कि वह महिलाओं के अधिकारों और उनकी राजनीतिक भागीदारी को बढ़ाने के पक्ष में है।
कुल मिलाकर, “महिला आक्रोश” कार्यक्रम के जरिए पार्टी ने महिला प्रतिनिधित्व के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया और अपने समर्थन को सार्वजनिक रूप से व्यक्त किया। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
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