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Assam असम: मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार को एक चल रहे हत्या मामले पर बयान देते हुए कहा कि इस केस को लेकर कोई नया खुलासा नहीं हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि असम पुलिस ने शुरुआत से ही इस मामले को हत्या के तहत दर्ज किया था, और यह वही रुख है जिसे प्रशासन ने पहले दिन से अपनाया हुआ है। मुख्यमंत्री सरमा ने कहा, “पहले दिन से ही असम पुलिस ने यह मामला हत्या के आरोप में दर्ज किया था, इसलिए मेरे लिए इसमें कोई नई बात नहीं है। पुलिस की जांच और आरोप हमेशा यही रहे हैं कि यह हत्या का मामला है। फिलहाल आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं और सभी को हत्या के आरोप में जेल भेजा गया है।”
उन्होंने बताया कि कानून के तहत पुलिस को ऐसे मामलों में — जिनमें हत्या, आजीवन कारावास या अन्य गंभीर अपराध शामिल हैं — गिरफ्तारी की तारीख से 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करनी होती है। सीएम ने कहा, “प्रक्रिया के अनुसार, पुलिस पर यह दायित्व होता है कि हत्या या आजीवन कारावास जैसे अपराधों के मामलों में गिरफ्तारी की तारीख से 90 दिन के भीतर चार्जशीट पेश की जाए। हमारी समयसीमा पहले दिन से 90 दिन की है, और हम उसी के अनुसार काम कर रहे हैं।”
हालांकि मुख्यमंत्री ने यह नहीं बताया कि मामला किससे जुड़ा है, लेकिन उन्होंने यह जरूर कहा कि जांच एजेंसियां पूरी तरह स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसी भी स्तर पर जांच में हस्तक्षेप नहीं कर रही है और न्याय की प्रक्रिया को सुनिश्चित किया जा रहा है। सरमा ने कहा कि असम पुलिस ने अब तक जांच के दौरान कई ठोस साक्ष्य एकत्र किए हैं और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप चार्जशीट की तैयारी की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि मामले से जुड़े सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं और अदालत की निगरानी में आगे की प्रक्रिया जारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “हम किसी भी गंभीर अपराध में कानून की प्रक्रिया का सख्ती से पालन करते हैं। राज्य की पुलिस पेशेवर तरीके से काम कर रही है और हर जांच का निष्कर्ष साक्ष्यों के आधार पर तय होगा, न कि किसी दबाव में। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि असम पुलिस का काम सिर्फ जांच पूरी करना नहीं बल्कि सुनिश्चित करना है कि हर दोषी को कानून के दायरे में सजा मिले। राजनीतिक हलकों में इस बयान को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि हाल के दिनों में राज्य में हुई एक हत्या की जांच को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। मुख्यमंत्री का यह बयान उन अटकलों पर विराम लगाता दिख रहा है। असम सरकार ने पहले ही पुलिस विभाग को गंभीर अपराधों के मामलों में समयसीमा के भीतर जांच पूरी करने और पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि राज्य सरकार न्याय प्रक्रिया में तेजी और निष्पक्षता दोनों सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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