
इंफाल : मणिपुर के उखरुल जिले में असम राइफल्स के दो जवानों की हत्या के बाद सुरक्षा बलों ने हमलावरों की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर अभियान शुरू कर दिया है। सुरक्षा एजेंसियों ने रिहायशी इलाकों, संवेदनशील रास्तों और जंगलों में तलाशी अभियान तेज कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई का उद्देश्य घात लगाकर किए गए हमले में शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें पकड़ना है।
असम राइफल्स की ओर से जारी आधिकारिक बयान में बताया गया कि सुरक्षा बलों ने हमले के बाद इलाके में व्यापक स्तर पर अभियान शुरू किया है। इसमें असम राइफल्स के जवानों के साथ-साथ बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) और मणिपुर पुलिस की टीमें भी शामिल हैं।
नुंगशांग इलाके में शुरू हुआ संयुक्त अभियान
असम राइफल्स ने बताया कि शुक्रवार को उखरुल जिले के नुंगशांग इलाके में संयुक्त सुरक्षा बलों ने बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। अभियान के तहत जंगलों, पहाड़ी क्षेत्रों, ग्रामीण इलाकों और उन संभावित ठिकानों की जांच की जा रही है जहां हमलावरों के छिपे होने की आशंका है।
सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया। अधिकारियों का कहना है कि हमलावरों को पकड़ने के लिए हर संभावित दिशा में कार्रवाई की जा रही है।
घात लगाकर किया गया था हमला
जानकारी के मुताबिक, इस सप्ताह की शुरुआत में असम राइफल्स के जवानों पर घात लगाकर हमला किया गया था। इस हमले में दो जवानों की मौत हो गई थी। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने इसे गंभीरता से लेते हुए हमलावरों की तलाश शुरू कर दी।
सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, हमले को अंजाम देने वाले लोगों की पहचान और उनकी गतिविधियों का पता लगाने के लिए खुफिया जानकारी जुटाई जा रही है।
जंगल और पहाड़ी इलाकों में चुनौती
उखरुल जिला भौगोलिक रूप से पहाड़ी और जंगल वाले क्षेत्रों से घिरा हुआ है। ऐसे इलाकों में सुरक्षा बलों के लिए तलाशी अभियान चलाना चुनौतीपूर्ण होता है। घने जंगल, दुर्गम रास्ते और सीमित पहुंच वाले क्षेत्रों के कारण अभियान में अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है।
सुरक्षा बल आधुनिक उपकरणों और स्थानीय जानकारी की मदद से अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है।
संयुक्त बलों की रणनीति
सुरक्षा बलों ने बताया कि असम राइफल्स, बीएसएफ और मणिपुर पुलिस के बीच बेहतर तालमेल के साथ अभियान चलाया जा रहा है। संयुक्त टीमों को अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात किया गया है ताकि हमलावरों के भागने के संभावित रास्तों को रोका जा सके।
अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा बल किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रख रहे हैं और स्थानीय लोगों से भी सहयोग की अपील की गई है।
इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा
हमले के बाद उखरुल और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत कर दी गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है और आने-जाने वाले रास्तों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा बलों की प्राथमिकता इलाके में सामान्य स्थिति बनाए रखना और हमले के जिम्मेदार लोगों तक पहुंचना है।
जांच में जुटी एजेंसियां
सुरक्षा एजेंसियां हमले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं। इसमें हमलावरों की संख्या, उनकी पहचान, हमले की योजना और इस्तेमाल किए गए संसाधनों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े विस्तृत तथ्यों का खुलासा किया जा सकेगा।
जवानों की शहादत पर जताया गया दुख
असम राइफल्स के दो जवानों की मौत के बाद सुरक्षा बलों और प्रशासन ने शोक व्यक्त किया है। अधिकारियों ने कहा कि जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा और हमले में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा बलों ने कहा कि वे मणिपुर में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहे हैं।
फिलहाल उखरुल जिले में संयुक्त सर्च ऑपरेशन जारी है। सुरक्षा एजेंसियां जंगलों, गांवों और संवेदनशील इलाकों में लगातार तलाशी ले रही हैं ताकि असम राइफल्स के जवानों पर हमला करने वालों को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके।





