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असम के युवाओं के लिए बड़ी सौगात, नई उद्यमिता योजना का ऐलान

Rajeshwari Nishad
30 Oct 2026 3:01 PM IST
असम के युवाओं के लिए बड़ी सौगात, नई उद्यमिता योजना का ऐलान
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गुवाहाटी। असम सरकार राज्य के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री आत्मनिर्भर असम अभियान (CMAAA) के तहत 500 युवाओं को दो-दो लाख रुपये की वित्तीय सहायता देने की संभावना जताई गई है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने, छोटे उद्योग स्थापित करने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराना है। हालांकि, इन विशेष 500 लाभार्थियों के चयन अथवा सहायता वितरण की आधिकारिक घोषणा की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। इस बीच मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की सरकार ने आत्मनिर्भर असम अभियान के तीसरे चरण की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। इसके तहत हजारों युवाओं को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
युवाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री आत्मनिर्भर असम अभियान राज्य सरकार की प्रमुख स्वरोजगार योजनाओं में शामिल है। इस योजना का उद्देश्य शिक्षित बेरोजगार युवाओं को अपना उद्यम शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।सरकार का मानना है कि युवाओं को केवल सरकारी नौकरियों पर निर्भर रहने के बजाय व्यापार, कृषि आधारित उद्योग, पशुपालन और सेवा क्षेत्र में भी अवसर तलाशने चाहिए।योजना के अंतर्गत सामान्य श्रेणी के पात्र लाभार्थियों को दो लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराई जाती है। वहीं, निर्धारित पेशेवर योग्यता रखने वाले लाभार्थियों को पांच लाख रुपये तक का वित्तीय सहयोग मिल सकता है।
इस आर्थिक सहायता में अनुदान और ब्याजमुक्त ऋण दोनों शामिल होते हैं। सामान्य व्यवस्था के अनुसार, कुल सहायता का आधा हिस्सा अनुदान और शेष हिस्सा ब्याजमुक्त ऋण के रूप में दिया जाता है।
500 युवाओं को दो-दो लाख देने की चर्चा
राज्य में 500 युवाओं को दो-दो लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराने की संभावना सामने आई है। यदि यह प्रस्ताव स्वीकृत होता है, तो इसके लिए लगभग 10 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की आवश्यकता होगी।इस राशि का इस्तेमाल पात्र युवा अपने व्यवसाय की शुरुआती जरूरतों को पूरा करने में कर सकते हैं।छोटे व्यापार, स्वरोजगार, कृषि आधारित गतिविधियों और अन्य उद्यमों में इस तरह की आर्थिक सहायता महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।हालांकि, प्रस्तावित 500 युवाओं के लिए अलग से आवेदन प्रक्रिया, लाभार्थियों की सूची और सहायता वितरण की तारीख संबंधी आधिकारिक विवरण अभी स्पष्ट नहीं हैं।इसलिए फिलहाल इसे अंतिम स्वीकृति या राशि वितरण की घोषणा नहीं माना जाना चाहिए।
आत्मनिर्भर असम अभियान के तीसरे चरण की तैयारी
असम सरकार ने मुख्यमंत्री आत्मनिर्भर असम अभियान के तीसरे चरण की दिशा में भी कदम बढ़ाए हैं।उपलब्ध जानकारी के अनुसार, CMAAA 3.0 के तहत 50 हजार युवाओं को स्वरोजगार के लिए सहायता उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।इसके लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया एक जनवरी 2027 से शुरू होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, विस्तृत दिशा-निर्देश और आवेदन की अंतिम तारीख की आधिकारिक पुष्टि बाकी है।योजना में पात्रता और लाभार्थियों के चयन के लिए निर्धारित मानदंडों का पालन किया जाएगा। सरकार का प्रयास है कि सहायता प्राप्त करने वाले युवा अपने उद्यम स्थापित करके आर्थिक रूप से मजबूत बनें।
पहले भी हजारों युवाओं को मिली आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 17 सितंबर 2026 को आत्मनिर्भर असम अभियान के पहले और दूसरे चरण के अंतर्गत चयनित उद्यमियों को वित्तीय सहायता वितरित की थी।रिपोर्ट के अनुसार, उस कार्यक्रम में 82,219 युवा उद्यमियों के लिए 278 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता वितरित की गई।मुख्यमंत्री ने कहा था कि योजना का उद्देश्य केवल युवाओं को धनराशि देना नहीं, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से स्वतंत्र और सफल उद्यमी बनने के लिए प्रोत्साहित करना है।राज्य सरकार प्रशिक्षण, कारोबार संबंधी मार्गदर्शन और बाजार से जुड़ाव को भी स्वरोजगार योजनाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा मानती है।इस पहल से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
उमरंगसो में सीमेंट संयंत्र से रोजगार की उम्मीद
इस बीच असम के औद्योगिक विकास से जुड़ी एक महत्वपूर्ण पहल भी सामने आई है।मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने दिमा हसाओ जिले के उमरंगसो में जेके लक्ष्मी सीमेंट के प्रस्तावित सीमेंट संयंत्र को लेकर जानकारी दी है।30 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री का कार्यक्रम लगभग 1,800 करोड़ रुपये की लागत वाले प्रस्तावित सीमेंट संयंत्र की आधारशिला रखने से जुड़ा है।इस परियोजना से एक हजार से अधिक रोजगार अवसर पैदा होने की संभावना जताई गई है।उमरंगसो क्षेत्र में चूना पत्थर के महत्वपूर्ण भंडार मौजूद हैं। सीमेंट उत्पादन में चूना पत्थर प्रमुख कच्चा माल होता है, इसलिए यह इलाका औद्योगिक निवेश के लिए उपयोगी माना जा रहा है।राज्य सरकार ने सितंबर में जेके लक्ष्मी सीमेंट से संबंधित बड़े निवेश प्रस्ताव को भी मंजूरी दी थी।
औद्योगिक विकास से स्थानीय युवाओं को फायदा मिलने की उम्मीद
प्रस्तावित सीमेंट संयंत्र से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।संयंत्र स्थापित होने पर निर्माण कार्य, परिवहन, तकनीकी सेवाओं, मशीनरी रखरखाव और अन्य संबंधित गतिविधियों में रोजगार के अवसर बन सकते हैं।इसके अलावा स्थानीय कारोबारियों को भी परिवहन, आपूर्ति और अन्य सेवाओं से जुड़े व्यवसाय विकसित करने के अवसर मिल सकते हैं।हालांकि, वास्तविक रोजगार संख्या परियोजना के पूरा होने, उत्पादन क्षमता और कंपनियों की भर्ती आवश्यकताओं पर निर्भर करेगी।उमरंगसो में सितंबर 2026 के दौरान प्रस्तावित संयंत्र को लेकर सार्वजनिक सुनवाई भी आयोजित की गई थी। इसमें स्थानीय प्रतिनिधियों और विभिन्न संगठनों ने भाग लिया।
स्वरोजगार के लिए आवेदन कैसे कर सकेंगे युवा?
मुख्यमंत्री आत्मनिर्भर असम अभियान के पिछले चरणों में आवेदन ऑनलाइन माध्यम से लिए गए थे।पात्र युवाओं को पंजीकरण करने के बाद अपनी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता और प्रस्तावित व्यवसाय से संबंधित विवरण जमा करना होता है।आवेदन के साथ व्यवसाय की परियोजना रिपोर्ट भी आवश्यक हो सकती है।इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत पात्रता और प्रस्तावों की जांच की जाती है। चयनित लाभार्थियों को योजना के नियमों के अनुसार वित्तीय सहायता दी जाती है।युवाओं को सलाह दी जाती है कि वे आवेदन प्रक्रिया और पात्रता संबंधी जानकारी के लिए राज्य सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर जारी दिशा-निर्देशों का ही पालन करें।
आत्मनिर्भर असम बनाने की दिशा में प्रयास
असम सरकार की स्वरोजगार और औद्योगिक विकास से जुड़ी पहलों का उद्देश्य राज्य में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है।एक तरफ मुख्यमंत्री आत्मनिर्भर असम अभियान के माध्यम से युवाओं को छोटे व्यवसाय शुरू करने में सहायता दी जा रही है, वहीं दूसरी ओर बड़े औद्योगिक निवेश आकर्षित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।हालांकि, प्रस्तावित 500 युवाओं की सहायता योजना और उमरंगसो सीमेंट संयंत्र के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।
आने वाले समय में सहायता योजना की आधिकारिक घोषणा, लाभार्थियों का चयन और परियोजनाओं का क्रियान्वयन यह निर्धारित करेगा कि इन पहलों से युवाओं को कितना वास्तविक लाभ मिलता है।
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