असम

भाजपा विधायक पर हमले की कोशिश

Kavita2
4 Oct 2026 3:39 PM IST
भाजपा विधायक पर हमले की कोशिश
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सोनितपुर। असम के सोनितपुर जिले में भाजपा विधायक रितु बरन सरमा पर कथित हमले की कोशिश का मामला सामने आया है। आरोप है कि नशे की हालत में एक ट्रक चालक ने विधायक और उनके साथ मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं से विवाद किया और इसके बाद धारदार हथियार जैसी वस्तु लेकर उनकी तरफ बढ़ा। घटना विधायक के कार्यालय के बाहर हुई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया। विधायक इस घटना में सुरक्षित रहे।

रितु बरन सरमा असम की बरचल्ला विधानसभा सीट से भाजपा विधायक हैं। असम विधानसभा की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उन्हें बरचल्ला से भाजपा विधायक के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, घटना उस समय शुरू हुई जब एक ट्रक ने विधायक कार्यालय के बाहर खड़े भाजपा कार्यकर्ता के वाहन को टक्कर मार दी। घटना के समय विधायक अपने कार्यालय के पास पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मौजूद थे। वाहन को टक्कर लगने के बाद वहां मौजूद लोग ट्रक चालक के पास पहुंचे और मामले को शांत कराने की कोशिश की।

आरोप है कि ट्रक चालक नशे की हालत में था और बातचीत के दौरान आक्रामक हो गया। विवाद बढ़ने पर उसने वहां मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ कथित तौर पर मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान स्थिति और तनावपूर्ण हो गई और मौके पर मौजूद लोगों की भीड़ बढ़ने लगी।

रिपोर्ट के अनुसार, चालक ने ट्रक से खंजर जैसे धारदार हथियार को निकाला और कथित तौर पर विधायक रितु बरन सरमा की तरफ बढ़ने की कोशिश की। अचानक हुए इस घटनाक्रम से वहां अफरा-तफरी मच गई। विधायक के साथ मौजूद कार्यकर्ताओं और सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल स्थिति को संभालने की कोशिश की।

मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव कर चालक को रोक लिया। इस दौरान धक्का-मुक्की और झड़प की स्थिति भी बनी। बाद में वहां मौजूद कुछ लोगों ने भी आरोपी चालक की पिटाई कर दी। पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए चालक को भीड़ से निकाला और अपने कब्जे में लिया।

घटना में विधायक रितु बरन सरमा को चोट नहीं लगी। हालांकि रिपोर्टों के अनुसार, एक पुलिसकर्मी, दो भाजपा कार्यकर्ता और एक होमगार्ड को मामूली चोटें आईं। घायल चालक को भी बाद में पुलिस ने इलाज के लिए तेजपुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचाया।

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आया है। इसके बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया। वीडियो में घटनास्थल पर लोगों की भीड़ और तनावपूर्ण स्थिति दिखाई देने की बात रिपोर्टों में कही गई है। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि विवाद किस तरह शुरू हुआ तथा इसके बाद परिस्थितियां कैसे बिगड़ीं।

विधायक रितु बरन सरमा ने घटना के संबंध में मीडिया से बातचीत में बताया कि वह स्थिति को शांत कराने के लिए मौके पर गए थे। उनका आरोप है कि इसी दौरान कथित रूप से नशे में मौजूद चालक ने धारदार हथियार जैसी वस्तु लेकर उन पर हमला करने की कोशिश की। पुलिस के समय पर हस्तक्षेप के कारण स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया।

घटना के बाद विधायक और जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। सार्वजनिक कार्यालयों के आसपास बड़ी संख्या में लोगों का आना-जाना रहता है। ऐसे में किसी वाहन चालक के साथ सामान्य विवाद का अचानक हिंसक रूप लेना गंभीर मामला माना जा रहा है।

सोनितपुर जिले में थेलेमारा पुलिस थाना भी मौजूद है और स्थानीय पुलिस व्यवस्था के तहत क्षेत्र में कई थाने और चौकियां काम करती हैं। घटना सामने आने के बाद संबंधित पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच में घटनास्थल पर मौजूद लोगों के बयान और उपलब्ध वीडियो समेत अन्य साक्ष्यों की मदद ली जा सकती है।

पुलिस के सामने यह पता लगाना भी महत्वपूर्ण होगा कि चालक वास्तव में नशे की हालत में था या नहीं। इसके अलावा उसके पास कथित धारदार हथियार कैसे आया और उसे निकालने के पीछे उसकी मंशा क्या थी, इन पहलुओं की भी जांच की जा सकती है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े सभी तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

इस घटना ने सड़क पर होने वाले मामूली विवादों के अचानक हिंसक रूप लेने के खतरे को भी उजागर किया है। वाहन की टक्कर से शुरू हुआ मामला कुछ ही समय में कथित हमले तक पहुंच गया। मौके पर पुलिस की मौजूदगी और तत्काल हस्तक्षेप से बड़ी घटना टल गई।

बरचल्ला विधानसभा क्षेत्र सोनितपुर जिले में आता है। रितु बरन सरमा ने 2026 के असम विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार के रूप में यह सीट जीती थी। घटना के बाद उनके समर्थकों और स्थानीय लोगों के बीच भी इसकी चर्चा तेज हो गई है।

फिलहाल विधायक सुरक्षित हैं और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। आरोपी चालक के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। घटना से जुड़े वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जांच में अहम साबित हो सकते हैं। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हमले के आरोप और पूरे घटनाक्रम की अंतिम तस्वीर स्पष्ट होगी।

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