
Assam असम: असम में नई सरकार के गठन की औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को लोक भवन में राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य को अपना इस्तीफा सौंप दिया। राज्यपाल ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है और उन्हें निर्देश दिया है कि नई सरकार के शपथ ग्रहण तक वे कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में पद पर बने रहें।
यह कदम तब उठाया गया जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसके सहयोगी दलों ने राज्य विधानसभा चुनाव में लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की। इस जीत के बाद अब नई सरकार के गठन की तैयारी तेज हो गई है।
57 वर्षीय हिमंत बिस्वा सरमा वर्ष 2021 में पहली बार असम के मुख्यमंत्री बने थे। उनके नेतृत्व में पार्टी ने इस बार भी बहुमत हासिल किया है। इस्तीफा देने के बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह 11 मई के बाद आयोजित किए जाने की संभावना है। हालांकि अंतिम तारीख पार्टी की आंतरिक बैठकों के बाद तय की जाएगी।
सरमा ने यह भी स्पष्ट किया कि अब आगे की प्रक्रिया भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल की बैठक में तय की जाएगी, जहां नए नेता का चयन किया जाएगा। यह विधायक दल की बैठक पार्टी के केंद्रीय पर्यवेक्षक और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा द्वारा निर्धारित की जाएगी।
इस बैठक में पार्टी के सभी नवनिर्वाचित विधायक हिस्सा लेंगे और बहुमत के आधार पर विधायक दल का नेता चुना जाएगा। यही नेता आगे चलकर असम के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे।
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, पार्टी नेतृत्व इस प्रक्रिया को पूरी तरह से संगठित और पारदर्शी तरीके से पूरा करना चाहता है, ताकि सत्ता हस्तांतरण सुचारू रूप से हो सके। इसके साथ ही सहयोगी दलों के साथ भी विचार-विमर्श किया जा रहा है ताकि गठबंधन में एकजुटता बनी रहे।
राज्यपाल द्वारा सरमा को कार्यवाहक मुख्यमंत्री बनाए रखने का निर्णय प्रशासनिक स्थिरता बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है, जिससे नई सरकार के गठन तक शासन व्यवस्था में कोई बाधा न आए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि असम में लगातार तीसरी बार BJP की जीत राज्य में पार्टी की मजबूत पकड़ को दर्शाती है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विधायक दल की बैठक में किसे नया नेता चुना जाता है और राज्य की कमान किसके हाथ में जाती है।
आने वाले दिनों में असम की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं, क्योंकि नई सरकार के गठन की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। शपथ ग्रहण समारोह के साथ ही राज्य में नए राजनीतिक अध्याय की शुरुआत होगी।





