
Assam असम: असम विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज्य की विपक्षी राजनीति में मतभेद और अधिक स्पष्ट होते दिख रहे हैं। अखिल गोगोई के नेतृत्व वाली रायजोर दल और कांग्रेस पार्टी के बीच तनाव बढ़ने के संकेत सामने आए हैं, जिससे विपक्षी एकजुटता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
असम कांग्रेस के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत के दौरान अखिल गोगोई के हालिया बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह उनके बयानों से निराश हैं और यह टिप्पणियां मुख्यमंत्री के चुनाव से पहले और बाद के बयानों जैसी लगती हैं। गौरव गोगोई ने कहा कि ऐसे सार्वजनिक बयान लोगों के बीच संदेह पैदा करते हैं और विपक्षी एकता को प्रभावित करते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस का गठबंधन AJP, CPI(M) और APHCL के साथ पहले की तरह कायम है और इसमें किसी प्रकार का बदलाव नहीं हुआ है। हालांकि उन्होंने यह भी संकेत दिया कि रायजोर दल के हालिया रुख से उसके राजनीतिक दिशा में बदलाव के संकेत मिलते हैं और वह बड़े विपक्षी गठबंधन से दूरी बना सकता है।
गौरव गोगोई ने कहा कि चुनाव परिणामों के बाद विपक्षी राजनीति में कांग्रेस की भूमिका और प्रभाव को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी ने हाल ही में नए और वरिष्ठ दोनों प्रकार के विधायकों के साथ संवाद किया है ताकि संगठन को मजबूत किया जा सके।
इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि चुनावी जीत के बाद भी सरकार कांग्रेस पर राजनीतिक हमले जारी रखे हुए है।
राज्य की प्रशासनिक स्थिति पर चिंता जताते हुए गौरव गोगोई ने कहा कि असम कई गंभीर समस्याओं का सामना कर रहा है, लेकिन सरकार उन मुद्दों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने विशेष रूप से कृत्रिम बाढ़, अवैध सिंडिकेट गतिविधियों और युवाओं के लिए अवसरों की कमी जैसे मुद्दों का उल्लेख किया और तत्काल समाधान की मांग की।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव के बाद विपक्षी दलों के बीच यह दूरी आने वाले समय में असम की राजनीति को और अधिक जटिल बना सकती है।





