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गुवाहाटी: असम के पर्यावरण और वन मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने सोमवार को बताया कि ओरंग नेशनल पार्क और टाइगर रिज़र्व में पहली बार आधिकारिक तौर पर भारतीय मोर (पावो क्रिस्टैटस) को देखा और दर्ज किया गया है।
इस पक्षी की तस्वीरें वाइल्डलाइफ़ फ़ोटोग्राफ़र नजीब अहमद और सिनेमैटोग्राफ़र चंदन सैकिया ने संरक्षित क्षेत्र के अंदर लीं। इन तस्वीरों से उन पिछली रिपोर्टों की पुष्टि हुई है जिनमें वन विभाग के कर्मचारियों ने रोमारी और हज़ारीबाग़ एंटी-पोचिंग कैंप के पास इस पक्षी को देखे जाने की बात कही थी।
बरुआ ने इस जानकारी के दर्ज होने को ओरंग और असम की जैव-विविधता के रिकॉर्ड में एक महत्वपूर्ण बढ़ोतरी बताया।
उन्होंने कहा कि यह ताज़ा रिकॉर्ड संरक्षित क्षेत्र की पारिस्थितिक विविधता को उजागर करता है और राज्य के वन्यजीवों के दस्तावेज़ीकरण में वन कर्मचारियों, वाइल्डलाइफ़ फ़ोटोग्राफ़रों और प्रकृति प्रेमियों की भूमिका को रेखांकित करता है।
मंत्री के अनुसार, भारतीय मोर की मौजूदगी ओरंग के वन्यजीवों की विविधता को बढ़ाती है और इस क्षेत्र की प्राकृतिक विरासत की सुरक्षा और अध्ययन के लिए लगातार प्रयास करने की आवश्यकता को और मज़बूत करती है।
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