
Assam असम: नॉर्थ और अपर असम में हाल के दिनों में नाबालिग लड़कियों के लापता होने की लगातार घटनाओं ने मानव तस्करी के खतरे को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। खासकर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के गायब होने के मामलों ने स्थानीय प्रशासन और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है।
सबसे हालिया घटना 16 मई को सामने आई, जब लखीमपुर जिले के बिहपुरिया क्षेत्र के होमोरा पाथर निवासी भीमलाल पेगु की 17 वर्षीय बेटी मौसमी पेगु अचानक लापता हो गई। मौसमी कक्षा 12 की छात्रा थी और बताया जा रहा है कि वह सुबह अपने मौसी के घर से निकली थी, जिसके बाद उसका कोई पता नहीं चला।
उसी दिन धेमाजी जिले में भी दो स्कूली छात्राओं के लापता होने की सूचना मिली। जानकारी के अनुसार, कक्षा 10 में पढ़ने वाली ममता सिंह और निकिता सिंह, जो जोनाई सबडिविजन के बेरा चापोरी क्षेत्र में रहती थीं, संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गईं। दोनों छात्राएं संजय सिंह और अचला सिंह की बेटियां बताई जा रही हैं।
इन घटनाओं से पहले भी इसी तरह की एक और घटना सामने आई थी। 7 मई को बिश्वनाथ जिले के गोहपुर क्षेत्र की 18 वर्षीय छात्रा रिंकुमोनी दास, जो कक्षा 12 में पढ़ती थी, अपने हॉस्टल जाते समय लापता हो गई थी। उसके बाद से उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
लगातार हो रही इन घटनाओं ने स्थानीय लोगों के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि कई मामलों में नाबालिग लड़कियों के अचानक गायब होने के पीछे मानव तस्करी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
स्थानीय समुदायों ने प्रशासन से मांग की है कि लापता लड़कियों की खोज के लिए विशेष जांच टीम गठित की जाए और मानव तस्करी नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, स्कूल और हॉस्टल स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की भी अपील की गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सभी मामलों की जांच की जा रही है और अलग-अलग टीमें लापता लड़कियों की तलाश में जुटी हुई हैं। वहीं, प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की अपील की है।
कुल मिलाकर, असम में लगातार हो रही इन घटनाओं ने मानव तस्करी की आशंका को फिर से उजागर कर दिया है और अब इस मुद्दे पर त्वरित और सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।





