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500 ग्रीन लोन देने की तैयारी में असम ग्रामीण बैंक
गुवाहाटी: असम ग्रामीण बैंक ने अगले छह महीनों में विकेंद्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा यानी DRE आधारित आजीविका समाधानों के लिए 500 ऋण देने का लक्ष्य रखा है। इस पहल का मकसद किसानों, महिला उद्यमियों और छोटे कारोबारियों को सौर ऊर्जा आधारित उपकरणों तक आसान वित्तीय पहुंच उपलब्ध कराना है। बैंक ने यह लक्ष्य गुवाहाटी में आयोजित एक ओरिएंटेशन कार्यशाला के बाद तय किया है।
यह कार्यशाला असम ग्रामीण बैंक, SELCO Foundation और DIYA Foundation के सहयोग से आयोजित की गई। इसमें बैंक के वरिष्ठ अधिकारी, कामरूप जिले की विभिन्न शाखाओं के प्रबंधक, क्रेडिट और बिजनेस डेवलपमेंट से जुड़े अधिकारी, स्वच्छ ऊर्जा तकनीक उपलब्ध कराने वाली कंपनियां और ग्रामीण उद्यमी शामिल हुए। तीनों संस्थाओं के बीच हुए समझौते के तहत यह पहला संरचित कार्यक्रम था।
कार्यशाला में मुख्य चर्चा इस बात पर हुई कि बैंक ऋण के जरिए नवीकरणीय ऊर्जा आधारित मशीनों और उपकरणों को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से कैसे जोड़ा जाए। खासतौर पर कृषि, कपड़ा, खुदरा कारोबार, सेवा क्षेत्र और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े छोटे उद्यमों पर ध्यान दिया गया। योजना यह है कि बैंक की शाखाएं स्थानीय जरूरतों के हिसाब से ऐसे कारोबारों की पहचान करें, जहां सौर या अन्य विकेंद्रीकृत ऊर्जा तकनीक से उत्पादकता और आय बढ़ाई जा सके।
कार्यक्रम में सोलर पावर्ड आटा चक्की, तेल मिल, कृषि मशीनरी और कोल्ड स्टोरेज जैसी तकनीकों के उदाहरण पेश किए गए। उद्यमियों और तकनीक प्रदाताओं ने यह भी बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की अनियमित उपलब्धता के बीच ऐसी मशीनें छोटे कारोबारियों के लिए उपयोगी हो सकती हैं।
असम ग्रामीण बैंक के जनरल मैनेजर-क्रेडिट अमलानज्योति गोगोई ने कहा कि राज्य की ऊर्जा संबंधी चुनौतियों को देखते हुए नवीकरणीय ऊर्जा समाधानों को तेजी से अपनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि शाखा प्रमुखों और सहयोगी संस्थाओं के समर्थन से बैंक अगले छह महीनों में 500 ऋण उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर सकता है।
कार्यशाला के दौरान ग्रामीण उद्यमियों के सामने आने वाली वित्तीय बाधाओं पर भी चर्चा हुई। इसमें बैंक अधिकारियों की DRE आधारित तकनीकों को लेकर सीमित जानकारी, उपकरण आधारित आजीविका ऋण के लिए उपयुक्त उत्पादों की कमी, छोटे किसानों और नई तकनीक से जुड़े जोखिमों को लेकर बैंकिंग क्षेत्र की झिझक तथा बैंक और तकनीक प्रदाताओं के बीच कमजोर समन्वय जैसे मुद्दे सामने आए।
इन चुनौतियों को देखते हुए असम ग्रामीण बैंक की शाखाओं ने कामरूप जिले में संभावित क्लस्टर और उद्यमों की पहचान शुरू कर दी है। लक्ष्य है कि हर शाखा शुरुआती स्तर पर कम से कम दो से तीन ऐसे अवसर तलाशे, जिन्हें नवीकरणीय ऊर्जा आधारित ऋण से जोड़ा जा सके। SELCO Foundation और DIYA Foundation बैंक शाखाओं को तकनीकी और प्रक्रियागत सहयोग देंगी।
असम ग्रामीण बैंक पहले से भी सौर ऊर्जा से जुड़े वित्तीय उत्पाद उपलब्ध कराता है। बैंक की रूफटॉप सोलर फाइनेंस स्कीम के तहत आवासीय संपत्तियों पर 10 किलोवाट तक की सौर प्रणाली लगाने के लिए ऋण दिया जाता है। तीन किलोवाट तक के सिस्टम के लिए अधिकतम ₹2 लाख और तीन से 10 किलोवाट तक के सिस्टम के लिए अधिकतम ₹6 लाख का ऋण उपलब्ध है। नई पहल का फोकस केवल घरों की छत पर सोलर पैनल लगाने तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य ऐसे सौर उपकरणों को वित्त देना है, जिनका सीधा इस्तेमाल आय पैदा करने वाले कामों में किया जा सके। उदाहरण के तौर पर किसान सोलर मशीनरी, खाद्य प्रसंस्करण इकाई या कोल्ड स्टोरेज का इस्तेमाल कर सकते हैं, जबकि छोटे उद्यमी तेल मिल और आटा चक्की जैसी मशीनों से कारोबार बढ़ा सकते हैं।
बैंक का मुख्यालय गुवाहाटी में है और यह असम में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के रूप में काम करता है। वित्त मंत्रालय की सूची के मुताबिक इसका प्रायोजक बैंक पंजाब नेशनल बैंक है। इस पहल के जरिए असम ग्रामीण बैंक ग्रामीण अर्थव्यवस्था में स्वच्छ ऊर्जा और औपचारिक बैंकिंग को एक साथ जोड़ने की कोशिश कर रहा है। यदि छह महीने में 500 ऋण का लक्ष्य पूरा होता है तो यह किसानों और सूक्ष्म उद्यमियों के लिए नवीकरणीय ऊर्जा आधारित कारोबार को वित्त देने का एक महत्वपूर्ण मॉडल बन सकता है।
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