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असम बाढ़: खराब रक्षा भारत ने शिवसागर में बच्चों के लिए अनुकूल स्थान खोला

nidhi
17 Aug 2026 1:53 PM IST
असम बाढ़: खराब रक्षा भारत ने शिवसागर में बच्चों के लिए अनुकूल स्थान खोला
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असम बाढ़

शिवसागर: असम में आई बाढ़ से प्रभावित बच्चों को मानसिक सहारा और सुरक्षित माहौल देने के लिए एक नई पहल शुरू की गई है। गैर सरकारी संगठन बाल रक्षा भारत (Save the Children) ने शिवसागर जिले के नजीरा उपखंड के बामुनपुखुरी इलाके में बच्चों के लिए चाइल्ड फ्रेंडली स्पेस (CFS) की शुरुआत की है। इस केंद्र का उद्देश्य बाढ़ से प्रभावित बच्चों को भावनात्मक सहारा, सीखने का अवसर और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।

हालिया बाढ़ ने असम के कई इलाकों में जनजीवन को प्रभावित किया है। शिवसागर जिला भी इससे बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जहां कई परिवारों को विस्थापन और भारी नुकसान का सामना करना पड़ा। बाढ़ के कारण बच्चों की पढ़ाई, दिनचर्या और मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर पड़ा है।
बच्चों के लिए सुरक्षित माहौल की पहल
बाल रक्षा भारत की ओर से शुरू किए गए इस चाइल्ड फ्रेंडली स्पेस में बच्चों को खेलने, पढ़ने और अपनी भावनाएं व्यक्त करने का अवसर मिलेगा। संस्था का कहना है कि आपदा के समय बच्चों को केवल भोजन और राहत सामग्री ही नहीं, बल्कि मानसिक और सामाजिक सहयोग की भी जरूरत होती है। इस केंद्र का उद्घाटन शिवसागर के जिला बाल संरक्षण अधिकारी डॉ. विकास रंजन कोंवर ने किया। कार्यक्रम में शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता, श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि और स्थानीय समुदाय के लोग भी मौजूद रहे।
बाढ़ से बच्चों पर पड़ा मानसिक असर
आपदा के दौरान बच्चे सबसे ज्यादा संवेदनशील वर्गों में शामिल होते हैं। घरों को नुकसान पहुंचना, स्कूलों का बंद होना और सामान्य जीवन में बदलाव बच्चों के मानसिक विकास पर असर डाल सकता है। बाल रक्षा भारत के अधिकारियों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य बच्चों को दोबारा सामान्य माहौल में लौटने में मदद करना है। यहां बच्चों को अपनी भावनाएं साझा करने, आत्मविश्वास बढ़ाने और कठिन परिस्थितियों से उबरने के लिए सहयोग दिया जाएगा।
पढ़ाई और मनोवैज्ञानिक सहायता पर जोर
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कई स्कूलों और शैक्षणिक गतिविधियों पर असर पड़ा है। शिवसागर समेत ऊपरी असम के कई इलाकों में बच्चों को पढ़ाई दोबारा शुरू करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। चाइल्ड फ्रेंडली स्पेस के जरिए बच्चों को शिक्षा से जोड़ने और उनके मानसिक तनाव को कम करने की कोशिश की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्राकृतिक आपदाओं के बाद बच्चों के लिए ऐसे सुरक्षित स्थान काफी महत्वपूर्ण होते हैं।
समुदाय आधारित संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा
बाल रक्षा भारत ने कहा कि यह पहल समुदाय आधारित बाल संरक्षण को मजबूत करने की दिशा में एक कदम है। संस्था का लक्ष्य है कि बाढ़ जैसी आपदाओं से प्रभावित हर बच्चे को सुरक्षा, सम्मान और सहयोग मिल सके। असम में राहत और पुनर्वास कार्य लगातार जारी हैं। जहां एक ओर प्रशासन और राहत टीमें प्रभावित लोगों की मदद में जुटी हैं, वहीं सामाजिक संगठन भी बच्चों और कमजोर वर्गों के लिए अलग-अलग स्तर पर सहायता पहुंचा रहे हैं।
शिवसागर में शुरू किया गया यह चाइल्ड फ्रेंडली स्पेस बाढ़ प्रभावित बच्चों के लिए उम्मीद की नई किरण माना जा रहा है, जो उन्हें मुश्किल हालात से बाहर निकलने और सामान्य जीवन की ओर लौटने में मदद करेगा।
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