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असम बाढ़: 1.36 लाख प्रभावित, मृतकों की संख्या 85 पहुंची

Kavita2
3 Aug 2026 10:36 AM IST
असम बाढ़: 1.36 लाख प्रभावित, मृतकों की संख्या 85 पहुंची
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असम : बाढ़ की स्थिति में रविवार को कुछ सुधार देखने को मिला, लेकिन राज्य के कई हिस्सों में अब भी बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हैं। सरकारी बुलेटिन के अनुसार, राज्य के पांच जिलों में बाढ़ की वजह से करीब 1.36 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। वहीं, पिछले 24 घंटों में तीन और लोगों की मौत के बाद इस साल बाढ़ और उससे जुड़ी घटनाओं में जान गंवाने वालों की कुल संख्या बढ़कर 85 हो गई है।

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार को बाढ़ प्रभावित जिलों की संख्या पांच रही। इनमें चराइदेव, धेमाजी, गोलाघाट, जोरहाट और शिवसागर जिले शामिल हैं। इन जिलों में कुल 1,36,200 से ज्यादा लोग बाढ़ की मार झेल रहे हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार की तुलना में प्रभावित लोगों की संख्या में कमी आई है। शनिवार को राज्य के पांच जिलों में करीब 1.8 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित थे। जलस्तर में गिरावट और कुछ इलाकों में हालात सुधरने के कारण प्रभावित लोगों की संख्या में कमी दर्ज की गई है। हालांकि, कई क्षेत्रों में अब भी लोगों को राहत और सहायता की जरूरत बनी हुई है।

अधिकारियों के अनुसार, रविवार को हुई तीनों मौतें शिवसागर जिले में दर्ज की गईं। इसके साथ ही इस साल बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या 85 तक पहुंच गई है। प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से लोगों तक आवश्यक सहायता पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रभावित परिवारों के लिए राहत शिविरों और अस्थायी सहायता केंद्रों की व्यवस्था की गई है। जरूरतमंद लोगों को भोजन, पेयजल, दवाइयां और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।

असम हर साल मानसून के दौरान बाढ़ की गंभीर समस्या का सामना करता है। राज्य की भौगोलिक स्थिति, भारी बारिश और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण कई जिले प्रभावित होते हैं। ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों में जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में पानी भर जाता है, जिससे जनजीवन प्रभावित होता है।

इस बार भी लगातार बारिश के कारण कई क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति बनी। खेतों में पानी भरने से किसानों को नुकसान उठाना पड़ा है, जबकि कई स्थानों पर सड़क और संपर्क मार्ग प्रभावित हुए हैं। पशुधन को भी नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं।

राज्य प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रभावित इलाकों में बचाव दलों को तैनात किया गया है ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सके। स्थानीय प्रशासन को भी राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।

ASDMA के अधिकारियों का कहना है कि हालांकि कई इलाकों में पानी कम हुआ है, लेकिन स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। कुछ क्षेत्रों में जलभराव और बुनियादी सुविधाओं की समस्या अब भी बनी हुई है। प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को तत्काल राहत उपलब्ध कराना और किसी भी आपात स्थिति से निपटना है।

बाढ़ के कारण विस्थापित हुए कई परिवार अभी भी राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों की जरूरतों का आकलन किया जा रहा है ताकि सहायता को और प्रभावी बनाया जा सके।

विशेषज्ञों के अनुसार, असम में बाढ़ केवल एक मौसमी समस्या नहीं है, बल्कि यह लंबे समय से राज्य के सामने एक बड़ी चुनौती रही है। नदियों के कटाव, बदलते मौसम के पैटर्न और भारी बारिश की घटनाओं में वृद्धि ने समस्या को और गंभीर बनाया है।

फिलहाल राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन एजेंसियां हालात पर लगातार नजर रख रही हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में जलस्तर में और गिरावट आने से स्थिति में सुधार होगा। हालांकि, प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास का काम अभी जारी रहेगा।

असम में बाढ़ से जुड़ी स्थिति पर पूरे राज्य की नजर बनी हुई है। प्रभावित जिलों में प्रशासन की सक्रियता और राहत कार्यों के बीच अब उम्मीद की जा रही है कि हालात जल्द सामान्य होंगे और लोगों को इस प्राकृतिक आपदा से राहत मिलेगी।

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