
Assam असम: असम विधानसभा चुनाव में बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिल रहा है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई, जो अपना पहला विधानसभा चुनाव लड़ रहे थे, जोरहाट विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता हितेंद्र नाथ गोस्वामी से हार गए हैं। यह हार कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका मानी जा रही है, खासकर इसलिए क्योंकि गोगोई को राज्य में पार्टी का मुख्यमंत्री चेहरा भी माना जा रहा था।
जानकारी के अनुसार, जोरहाट सीट पर हुए सीधे मुकाबले में गौरव गोगोई को 23,187 वोटों से हार का सामना करना पड़ा। यह परिणाम कांग्रेस के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सीट पर नुकसान के रूप में देखा जा रहा है, जहां पार्टी ने पूरी ताकत झोंकी थी।
चुनाव आयोग (EC) के ताजा रुझानों के मुताबिक, कांग्रेस फिलहाल 21 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं उसकी सहयोगी पार्टी रायजोर दल दो सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। हालांकि, इन आंकड़ों के बावजूद कांग्रेस गठबंधन अभी भी सत्ता की दौड़ में पीछे नजर आ रहा है।
दूसरी ओर, BJP ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए 78 सीटों पर बढ़त बना ली है। इसके अलावा पार्टी तीन सीटों पर जीत भी दर्ज कर चुकी है। इन रुझानों से साफ संकेत मिल रहे हैं कि BJP राज्य में एक बार फिर बड़ी जीत की ओर बढ़ रही है।
NDA गठबंधन, जिसमें BJP प्रमुख दल है, कुल 126 सदस्यीय असम विधानसभा में लगभग 100 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। यह स्थिति NDA के लिए बेहद मजबूत मानी जा रही है और इससे राज्य में उसकी सत्ता वापसी लगभग तय मानी जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनाव में कांग्रेस की रणनीति और नेतृत्व दोनों पर सवाल खड़े हो रहे हैं, जबकि BJP ने संगठनात्मक मजबूती और विकास के मुद्दों के आधार पर अपनी स्थिति मजबूत की है।
गौरव गोगोई की हार को कांग्रेस के लिए एक प्रतीकात्मक झटका माना जा रहा है, क्योंकि वे राज्य में पार्टी के प्रमुख चेहरे के रूप में उभरकर सामने आए थे। उनकी हार से पार्टी के अंदर भी आत्ममंथन की स्थिति बन सकती है।
दूसरी ओर, BJP खेमे में खुशी का माहौल है और पार्टी नेताओं का कहना है कि यह परिणाम जनता के विकास और स्थिरता के समर्थन को दर्शाते हैं।
असम के इस चुनावी परिणाम ने राज्य की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बदलाव ला दिया है, जहां NDA मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है और कांग्रेस को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।





