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असम बाढ़ पर डिप्टी सीएम का बयान
असम : बाढ़ की गंभीर स्थिति को लेकर जारी बहस के बीच डिप्टी सीएम ने कहा है कि इसके लिए सिर्फ मेघालय को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा कि बाढ़ एक जटिल प्राकृतिक आपदा है, जिसके पीछे कई कारण होते हैं और इसे केवल किसी एक राज्य की गतिविधियों से जोड़ना सही नहीं होगा।
डिप्टी सीएम ने कहा कि असम में हर साल मानसून के दौरान बाढ़ की समस्या सामने आती है। इसके लिए भारी बारिश, नदियों का बढ़ता जलस्तर, भौगोलिक परिस्थितियां और जल प्रबंधन जैसे कई कारक जिम्मेदार होते हैं।
बाढ़ के कई कारणों पर दिया जोर
उन्होंने कहा कि असम की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यहां बड़ी संख्या में नदियां बहती हैं और मानसून के दौरान जलस्तर तेजी से बढ़ जाता है। इसके अलावा पहाड़ी क्षेत्रों से आने वाला पानी भी मैदानी इलाकों को प्रभावित करता है।
डिप्टी सीएम ने सभी संबंधित राज्यों के बीच बेहतर तालमेल और संयुक्त प्रयासों की जरूरत बताई।
मेघालय पर आरोपों को बताया अधूरा
बाढ़ को लेकर कुछ जगहों पर मेघालय की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे थे। इस पर डिप्टी सीएम ने कहा कि किसी एक राज्य को दोषी ठहराने के बजाय समस्या के व्यापक समाधान पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जल प्रबंधन और बाढ़ नियंत्रण के लिए अंतरराज्यीय सहयोग जरूरी है।
असम में जारी है बाढ़ का संकट
असम में लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं और कई क्षेत्रों में सड़क संपर्क, खेती और जनजीवन पर असर पड़ा है।
प्रशासन, आपदा प्रबंधन टीमें और स्थानीय संगठन राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं।
स्थायी समाधान की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि असम में बार-बार आने वाली बाढ़ से निपटने के लिए केवल राहत कार्य पर्याप्त नहीं हैं। इसके लिए नदी प्रबंधन, तटबंधों की मजबूती, जल निकासी व्यवस्था और राज्यों के बीच समन्वित योजना की जरूरत है।
डिप्टी सीएम के बयान के बाद अब बाढ़ के मुद्दे पर क्षेत्रीय सहयोग और दीर्घकालिक समाधान को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
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