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Guwahati गुवाहाटी। असम के धकुआखाना क्षेत्र में बाढ़ और कटाव की समस्या पर नियंत्रण के उद्देश्य से मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को लखीमपुर जिले के दौरे के दौरान 272.21 करोड़ रुपये की चार परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में बाढ़ व कटाव नियंत्रण के साथ-साथ विरासत संरक्षण और जनकल्याण को बढ़ावा देने से जुड़े कार्य शामिल हैं। धकुआखाना में लंबे समय से चली आ रही बाढ़ और कटाव की समस्या के स्थायी समाधान के तहत मुख्यमंत्री ने बामुनी चपोड़ी से टेकलीफुटा तक जलवायु-लचीला ब्रह्मपुत्र समेकित बाढ़ एवं कटाव जोखिम प्रबंधन परियोजना के अंतर्गत एक योजना का शिलान्यास किया। यह परियोजना एशियाई विकास बैंक (एडीबी) की सहायता से 147.70 करोड़ रुपये की लागत से पूरी की जाएगी।
यह परियोजना 4.50 किलोमीटर और 3.50 किलोमीटर के दो महत्वपूर्ण हिस्सों को कवर करेगी। मुख्यमंत्री ने 89.86 करोड़ रुपये की लागत से धकुआखाना उपमंडलीय सिविल अस्पताल के 100 बिस्तरों को बढ़ाकर 200 बिस्तरों का सिविल अस्पताल बनाने और आवासीय क्वार्टरों के निर्माण की परियोजना का भी शिलान्यास किया। ऐतिहासिक श्री श्री वासुदेव थान के विकास को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने बुधवार को 14.65 करोड़ रुपये की लागत से प्रथम चरण की परियोजना का शिलान्यास किया, जो 200 बीघा से अधिक क्षेत्र में फैली होगी। इस परियोजना के तहत कीर्तन घर का नवीनीकरण, अतिथि गृह, मुख्य प्रवेश द्वार, सांस्कृतिक सभागार, सुरक्षा कर्मियों के आवास, दुकानें और अन्य सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने 20 करोड़ रुपये की लागत से 36 बीघा से अधिक क्षेत्र में फैले धकुआखाना के ऐतिहासिक ‘फाट बिहू’ के विकास की परियोजना का भी शिलान्यास किया। इस परियोजना में 12 कमरों वाला अतिथि गृह, एक हजार से अधिक दर्शकों की क्षमता वाला कवर स्टेज, पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग चेंजिंग रूम, खुले मैदानों में बिहू मंच, पेड़ों के चारों ओर छह मीटर व्यास के लगभग 60 गोल मंच, पैदल पथ, दो प्रतिमाएं, प्रवेश द्वार व टिकट काउंटर, जल निकासी व्यवस्था, चारदीवारी, वाणिज्यिक केंद्र, उद्यान और अन्य सुविधाएं शामिल हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री सरमा ने घोषणा की कि माजुली और धकुआखाना के लोगों के लिए जीवनरेखा मानी जाने वाली माजुली-बोगीबील को जोड़ने वाली तटबंध सड़क का निर्माण कर उसे राज्य राजमार्ग के रूप में उन्नत किया जाएगा। उन्होंने धकुआखाना में एथलेटिक ट्रैक सहित जिला स्तरीय स्टेडियम के निर्माण के लिए 50 करोड़ रुपये और एक कोल्ड स्टोरेज सुविधा के निर्माण की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि धकुआखाना असम के सामाजिक और आर्थिक जीवन में विशेष ऐतिहासिक महत्व रखता है। उन्होंने बताया कि पहले यहां की छोटी-बड़ी नदियां खेतों में उपजाऊ गाद लाकर कृषि को समृद्ध करती थीं और दूर-दराज से व्यापारी नदी मार्ग के जरिए व्यापार करते थे।
उन्होंने कहा कि वासुदेव थान और हरही देवालय ने इस क्षेत्र के आध्यात्मिक जीवन को समृद्ध किया है। फाट बिहू को धकुआखाना क्षेत्र की विविध समुदायों की साझा विरासत बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने लगभग साढ़े चार साल के कार्यकाल में उन्होंने कई बार धकुआखाना का दौरा किया है और अनेक विकास परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन विकास कार्यों से धकुआखाना के लोगों के जीवन में स्पष्ट रूप से सकारात्मक बदलाव आए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि माजुली से बोगीबील तक धकुआखाना से गुजरने वाली सड़क इस क्षेत्र की जीवनरेखा बन चुकी है।
उन्होंने बताया कि जल संसाधन विभाग द्वारा लोटाचुर से टेकलीफुटा तक लगभग 20.17 किलोमीटर लंबा तटबंध बनाए जाने से धकुआखाना और माजुली के कुछ हिस्सों को बाढ़ से सुरक्षा मिली है। हालांकि तटबंध से बाढ़ पर काफी हद तक नियंत्रण हुआ है, लेकिन नदी तट कटाव अब भी एक गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है
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