
Assam असम: मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को अपनी मंत्रिपरिषद का विस्तार किया, जिसमें 12 नए विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। इस विस्तार के बाद असम की मंत्रिपरिषद की संख्या 17 हो गई है। नए मंत्रियों में भाजपा के रनोज पेगु, अशोक सिंघल, बिस्वजीत दैमारी के अलावा एजीपी के केशव महंत शामिल हैं।
शपथ ग्रहण समारोह गुवाहाटी के ज्योति-बिष्णु अंतरराष्ट्रीय कला मंदिर में आयोजित किया गया। राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने विधायकों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। समारोह में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की मौजूदगी रही और उन्होंने नए मंत्रियों का स्वागत किया।
इस विस्तार में भाजपा के तीन नए चेहरे भी शामिल हैं। अश्विनी राय सरकार, नंदिनी देवी और सुशांत बोरगोहेन ने पहली बार मंत्री पद संभाला। वहीं, एजीपी के महंत को पुनः मंत्रिपरिषद में जगह दी गई है। महंत पिछले कार्यकाल में भी सरमा की कैबिनेट का हिस्सा थे।
इस विस्तार से असम की सरकार की स्थिरता और बहुमत को मजबूत करने की कोशिश की गई है। 126 सदस्यीय असम विधानसभा में मंत्रियों की संविधान द्वारा अधिकतम संख्या 19 निर्धारित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नए मंत्रियों के शामिल होने से राज्य सरकार की कामकाजी क्षमता और प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि कैबिनेट विस्तार से राज्य में राजनीतिक संतुलन बनाने और विभिन्न सामाजिक समूहों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की कोशिश की गई है। नए मंत्रियों के चयन में भाजपा और एजीपी दोनों पार्टियों के भीतर संतुलन बनाए रखने पर ध्यान दिया गया है।
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि नए मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपने का उद्देश्य नीतियों को तेजी से लागू करना और जनता की समस्याओं का समाधान करना है। नए मंत्रियों को उनके संबंधित विभागों का कार्यभार सौंपा जाएगा और वे तुरंत अपने पदों पर काम शुरू करेंगे।
इस विस्तार के साथ ही असम सरकार ने यह संकेत दिया कि विधानसभा चुनावों और आगामी चुनौतियों के मद्देनजर सरकार की कार्यक्षमता और समावेशिता दोनों को बढ़ाना उनकी प्राथमिकता है। नए मंत्रियों के चयन में अनुभव, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और पार्टी के भीतर संतुलन को ध्यान में रखा गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस विस्तार से मुख्यमंत्री सरमा अपनी नेतृत्व क्षमता को और मजबूत कर सकते हैं और विभिन्न समूहों के बीच संतुलन बनाए रख सकते हैं। मंत्री परिषद का यह नया गठन आगामी नीतियों और विकास कार्यों के क्रियान्वयन में सहायक साबित होगा।
इस तरह असम में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंत्रिपरिषद का विस्तार कर नई ऊर्जा और नेतृत्व क्षमता के साथ राज्य की सरकार को मजबूती देने की दिशा में कदम बढ़ाया है।





