
Assam असम: ऑल असम ट्राइबल संघ की BTC कोऑर्डिनेशन कमेटी ने बोडोलैंड टेरिटोरियल रीजन (BTR) में ट्राइबल बेल्ट, ब्लॉक और वन भूमि पर कथित अवैध कब्जों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। संगठन ने प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप कर ऐसे कब्जाधारियों को हटाने की मांग की है।
मंगलवार को मीडिया से बातचीत करते हुए संगठन के नेताओं ने आरोप लगाया कि BTR क्षेत्र के कई हिस्सों में सुरक्षित ट्राइबल और जंगल की जमीनों पर लगातार कब्जा बढ़ रहा है। उनका कहना है कि इससे स्थानीय और मूलनिवासी समुदायों के भूमि अधिकार और सुरक्षा पर खतरा उत्पन्न हो रहा है। संगठन ने इसे एक गंभीर प्रशासनिक और सामाजिक मुद्दा बताया।
कमेटी ने अधिकारियों से अपील की कि ट्राइबल बेल्ट और ब्लॉक्स से सभी कथित अवैध कब्जों को हटाने के लिए तत्काल कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही उन्होंने गुवाहाटी हाई कोर्ट द्वारा PIL नंबर 78/2012 में दिए गए निर्देशों को सख्ती से लागू करने की भी मांग की है। संगठन का कहना है कि अदालत के आदेशों का पालन नहीं होने के कारण स्थिति और बिगड़ती जा रही है।
ऑल असम ट्राइबल संघ ने यह भी आरोप लगाया कि जंगल की भूमि पर कुछ गैर-निवासी या कथित रूप से गैर-कानूनी लोगों द्वारा कब्जा किया जा रहा है, जिसे तुरंत हटाया जाना चाहिए। संगठन ने कहा कि वन क्षेत्रों की सुरक्षा और संरक्षण सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है, ताकि पर्यावरण और स्थानीय समुदाय दोनों की रक्षा हो सके।
इसके साथ ही संगठन ने फॉरेस्ट राइट्स एक्ट, 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि इस कानून के तहत वास्तविक और मूलनिवासी वनवासियों को उनके अधिकारों के अनुसार भूमि पट्टे दिए जाने चाहिए, ताकि वे सुरक्षित रूप से अपने जीवनयापन कर सकें।
संगठन के नेताओं ने कहा कि यदि समय रहते इस मुद्दे पर ध्यान नहीं दिया गया तो यह स्थिति और गंभीर हो सकती है और सामाजिक तनाव बढ़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि वह निष्पक्ष तरीके से सभी मामलों की जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई करे।
इस मुद्दे ने क्षेत्र में एक बार फिर भूमि अधिकारों और वन संरक्षण को लेकर बहस को तेज कर दिया है। स्थानीय समुदायों का कहना है कि जमीन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और न्यायिक आदेशों का पालन बेहद जरूरी है।
कुल मिलाकर, ऑल असम ट्राइबल संघ की मांग ने BTR क्षेत्र में भूमि विवाद और वन अधिकारों के मुद्दे को फिर से चर्चा में ला दिया है, जहां संगठन ने तत्काल कार्रवाई और कानूनी आदेशों के पालन पर जोर दिया है।





