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असम चुनाव से पहले CM सरमा का कांग्रेस नेताओं पर पाकिस्तान से लिंक का आरोप

Kavita2
6 April 2026 11:59 AM IST
असम चुनाव से पहले CM सरमा का कांग्रेस नेताओं पर पाकिस्तान से लिंक का आरोप
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Assam असम: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेताओं पवन खेड़ा और गौरव गोगोई पर चुनावी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पाकिस्तान से जुड़े कंटेंट का इस्तेमाल करने का गंभीर आरोप लगाया है। यह विवाद राज्य विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल को और गर्मा गया है।

आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पवन खेड़ा और गौरव गोगोई ने क्रमशः दिल्ली और गुवाहाटी में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने दावा किया कि कल आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जो सामग्री प्रस्तुत की गई, उसका पूरा कंटेंट पाकिस्तान के एक सोशल मीडिया ग्रुप से लिया गया था। सरमा ने कहा कि पाकिस्तान के डिजिटल प्लेटफॉर्म असम चुनाव की बहसों में सक्रिय हैं और वे खुलकर कांग्रेस को समर्थन दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पिछले 10 दिनों में पाकिस्तान के चैनलों ने असम चुनाव पर कम से कम 11 टॉक शो प्रसारित किए, जिनमें बार-बार यह तय किया गया कि कांग्रेस को जीतना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान से जुड़ा कंटेंट अब साफ़ हो चुका है और इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सरमा ने जोर देकर कहा कि सार्वजनिक मंच पर नकली डॉक्यूमेंट का उपयोग कर आरोप लगाना भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 468 के तहत अपराध है। उन्होंने बताया कि नए BNS एक्ट में भी ऐसे मामलों के लिए कड़े प्रावधान हैं। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि यदि कोई नकली डॉक्यूमेंट्स का इस्तेमाल करके चुनाव के परिणाम को प्रभावित करने की कोशिश करता है, तो उसे कड़ी सज़ा और उम्रकैद का सामना करना पड़ सकता है।

सरमा ने कहा कि यह मामला सिर्फ़ राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप नहीं है, बल्कि यह देश की सुरक्षा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़ा हुआ मुद्दा है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे चुनावी गतिविधियों में सचेत रहें और किसी भी संदिग्ध सामग्री पर विश्वास करने से पहले इसकी पुष्टि करें।

इससे पहले, कांग्रेस ने इस आरोप का खंडन किया है और कहा कि उनके नेताओं ने कोई भी विदेशी सामग्री का उपयोग नहीं किया। हालांकि, CM सरमा ने कहा कि उनके पास स्पष्ट सबूत हैं जो दिखाते हैं कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस्तेमाल किए गए डेटा का स्रोत पाकिस्तान था। उन्होंने बताया कि राज्य की साइबर सेल और अन्य कानून-व्यवस्था एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं।

राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, यह आरोप असम विधानसभा चुनाव की गर्मी में और भी विवाद पैदा कर सकता है और राजनीतिक दलों के बीच ऑनलाइन प्रचार और विदेशी हस्तक्षेप की बहस को तेज कर सकता है।

मुख्यमंत्री ने अंत में यह स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में हर पार्टी को अपने मतदाताओं के सामने अपने एजेंडा और उपलब्धियों के आधार पर मुकाबला करना चाहिए, न कि विदेशी स्रोतों के जरिए चुनावी माहौल को प्रभावित करने की कोशिश करनी चाहिए।

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